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पुणे में बुजुर्ग से 10.74 करोड़ रुपये की ठगी

पुणे में एक बुजुर्ग से 10.74 करोड़ रुपये की ठगी हुई है। ठगी करने वाले ने सीबीआई अधिकारी बनकर डिजिटल अरेस्ट किया। इस मामले में एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर को गिरफ्तार किया गया है।

13 अगस्त 20262 घंटे पहलेस्रोत: शुक्रवार डेस्क2 बार पढ़ा गया
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पुणे में एक बुजुर्ग व्यक्ति से 10.74 करोड़ रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। यह घटना हाल ही में हुई, जब ठग ने खुद को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) का अधिकारी बताकर बुजुर्ग को धोखा दिया। ठग ने बुजुर्ग को यह विश्वास दिलाया कि वह एक महत्वपूर्ण मामले में शामिल है और उसे तत्काल पैसे की आवश्यकता है।

ठगी के दौरान, ठग ने बुजुर्ग से विभिन्न बहानों के तहत पैसे मांगे और उन्हें डिजिटल माध्यम से ट्रांसफर करने के लिए कहा। बुजुर्ग ने ठग की बातों पर विश्वास कर लिया और कई बार पैसे ट्रांसफर कर दिए। इस प्रकार, ठग ने कुल मिलाकर 10.74 करोड़ रुपये की राशि हड़प ली। यह घटना पुणे के एक स्थानीय क्षेत्र में हुई, जो अब चर्चा का विषय बन गई है।

इस घटना के पीछे ठग के द्वारा अपनाए गए तरीकों की जांच की जा रही है। यह पहली बार नहीं है जब इस तरह की ठगी की गई है, लेकिन इस मामले में राशि की मात्रा काफी अधिक है। ठग ने बुजुर्ग को यह विश्वास दिलाने के लिए कई तकनीकी उपायों का उपयोग किया, जिससे वह आसानी से धोखा देने में सफल रहा। ऐसे मामलों में बढ़ती ठगी की प्रवृत्ति समाज के लिए चिंता का विषय बन गई है।

पुणे पुलिस ने इस मामले में तुरंत कार्रवाई करते हुए एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर को गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि यह व्यक्ति ठगी के नेटवर्क का हिस्सा था और उसकी भूमिका की जांच की जा रही है। पुलिस ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष टीम गठित की है, जो ठगों के खिलाफ कार्रवाई करेगी।

इस ठगी के मामले ने स्थानीय लोगों में भय और चिंता का माहौल पैदा कर दिया है। बुजुर्गों को इस तरह के धोखाधड़ी से बचाने के लिए जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है। लोग अब अधिक सतर्क रहने लगे हैं और ऐसे मामलों में फंसने से बचने के लिए सावधानी बरत रहे हैं।

इस घटना के बाद, पुलिस ने अन्य ठगी के मामलों की जांच भी तेज कर दी है। उन्होंने लोगों को सलाह दी है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति पर भरोसा न करें और अपने व्यक्तिगत जानकारी को साझा करने से बचें। इसके साथ ही, पुलिस ने लोगों को ठगी के तरीकों के बारे में जागरूक करने के लिए अभियान चलाने का निर्णय लिया है।

आगे की कार्रवाई में पुलिस ठगों के अन्य सहयोगियों की पहचान करने का प्रयास करेगी। इसके अलावा, यह भी देखा जाएगा कि क्या इस मामले में कोई और व्यक्ति शामिल है। पुलिस ने ठगी के मामले में शामिल सभी लोगों को पकड़ने के लिए विशेष अभियान चलाने की योजना बनाई है।

इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि समाज में ठगी के मामलों में वृद्धि हो रही है। लोगों को सतर्क रहना और ठगी के तरीकों के प्रति जागरूक होना आवश्यक है। इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति न हो।

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