जंतर-मंतर पर चल रहे नागरिकता संशोधन कानून (CJP) के विरोध में आंदोलन के 34वें दिन इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई। यह निर्णय उस समय लिया गया जब आंदोलनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन जारी रखा। आंदोलनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और अपनी आवाज उठाई।
इस आंदोलन के दौरान, प्रमुख कार्यकर्ता वांगचुक का वजन 11 किलोग्राम घट गया है। यह उनके अनशन के कारण हुआ है, जो उन्होंने अपनी मांगों के समर्थन में शुरू किया था। आंदोलन के दौरान, वांगचुक ने अपने स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताई है, लेकिन वे अपनी मांगों पर अडिग हैं।
CJP आंदोलन का背景 नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ है, जिसे कई लोग असंवैधानिक मानते हैं। इस कानून के खिलाफ देशभर में कई स्थानों पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। जंतर-मंतर पर चल रहे इस आंदोलन ने भी व्यापक ध्यान आकर्षित किया है।
सरकारी अधिकारियों ने इस आंदोलन के संबंध में कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। हालांकि, आंदोलनकारियों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। इंटरनेट सेवा बंद करने का निर्णय सुरक्षा कारणों से लिया गया है।
इस आंदोलन का प्रभाव स्थानीय लोगों पर भी पड़ा है। इंटरनेट सेवा बंद होने से लोग अपनी दैनिक गतिविधियों में कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। इसके अलावा, आंदोलनकारियों के समर्थन में कई लोग भी जंतर-मंतर पर इकट्ठा हो रहे हैं।
इस बीच, आंदोलन से संबंधित कुछ अन्य घटनाएं भी सामने आई हैं। कई FIR इस आंदोलन के दौरान दर्ज की गई हैं, जो प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़पों से संबंधित हैं। यह स्थिति आंदोलन के बढ़ते तनाव को दर्शाती है।
आगे की स्थिति में, आंदोलनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर और अधिक दबाव बनाने की योजना बनाई है। वे आगामी दिनों में और अधिक प्रदर्शन करने की योजना बना रहे हैं। इसके साथ ही, वे सरकार से वार्ता की भी उम्मीद कर रहे हैं।
इस आंदोलन का महत्व इस बात में है कि यह नागरिक अधिकारों और स्वतंत्रता के मुद्दों को उजागर कर रहा है। जंतर-मंतर पर चल रहे इस आंदोलन ने लोगों को एकजुट किया है और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्ष को प्रेरित किया है।

