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बर्गर-पिज्जा की लत पर ICMR ने नहीं किया कोई शोध

लोकसभा में सरकार ने बताया कि ICMR ने बर्गर और पिज्जा के लती होने पर कोई अध्ययन नहीं किया है। इस विषय पर चर्चा करते हुए, सरकार ने खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) के नियमों का भी उल्लेख किया। यह जानकारी तंबाकू उत्पादों की लत से बर्गर-पिज्जा की लत की तुलना को लेकर आई।

7 अगस्त 202647 मिनट पहलेस्रोत: शुक्रवार डेस्क0 बार पढ़ा गया
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हाल ही में लोकसभा में यह चर्चा हुई कि बर्गर और पिज्जा तंबाकू उत्पादों की तरह लत लगाते हैं या नहीं। इस पर सरकार ने स्पष्ट किया कि भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) ने इस विषय पर कोई शोध नहीं किया है। यह जानकारी उस समय सामने आई जब कुछ सदस्यों ने इस मुद्दे को उठाया।

सरकार ने बताया कि बर्गर और पिज्जा जैसे अल्ट्रा प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों की लत के संबंध में कोई वैज्ञानिक अध्ययन नहीं किया गया है। इस विषय पर चर्चा करते हुए, सरकार ने खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) के नियमों का भी उल्लेख किया। FSSAI खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार है।

भारत में तंबाकू उत्पादों के सेवन से संबंधित स्वास्थ्य समस्याएं एक गंभीर मुद्दा हैं। तंबाकू का सेवन कई बीमारियों का कारण बनता है, और इसके खिलाफ कई जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। बर्गर और पिज्जा के सेवन को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं, लेकिन इस पर कोई ठोस शोध नहीं होने से स्थिति स्पष्ट नहीं है।

सरकार ने यह भी कहा कि बर्गर और पिज्जा के सेवन को लेकर कोई आधिकारिक बयान या अध्ययन नहीं किया गया है। ICMR की ओर से इस विषय पर कोई दिशा-निर्देश नहीं दिए गए हैं। इससे यह स्पष्ट होता है कि इस मुद्दे पर और अधिक शोध की आवश्यकता है।

बर्गर और पिज्जा जैसे खाद्य पदार्थों के सेवन का प्रभाव लोगों पर पड़ सकता है। यदि इन खाद्य पदार्थों को लत के रूप में देखा जाता है, तो यह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। लोगों में इस विषय पर जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है।

इस विषय पर आगे की चर्चा और शोध की आवश्यकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अल्ट्रा प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों के सेवन के प्रभावों का अध्ययन किया जाना चाहिए। इससे लोगों को सही जानकारी मिल सकेगी और वे स्वस्थ विकल्प चुन सकेंगे।

आगे चलकर, सरकार और स्वास्थ्य संस्थान इस विषय पर और अधिक शोध करने की योजना बना सकते हैं। इसके अलावा, लोगों को स्वस्थ आहार के महत्व के बारे में जागरूक करने के लिए अभियान चलाए जा सकते हैं।

इस चर्चा का महत्व इस बात में है कि यह लोगों को उनके आहार के विकल्पों के प्रति जागरूक करता है। बर्गर और पिज्जा जैसे खाद्य पदार्थों की लत पर शोध की कमी से यह स्पष्ट होता है कि स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है।

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