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कांग्रेस सांसदों ने MDR पर चर्चा नहीं की: गौरव गोगोई

कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा कि वित्त मामलों की स्थायी समिति में MDR पर चर्चा नहीं हुई। उन्होंने यूपीआई भुगतान पर चल रही रार के संदर्भ में यह टिप्पणी की। कांग्रेस ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरने का प्रयास किया है।

17 सितंबर 2026 • 17 सितंबर 2026स्रोत: शुक्रवार डेस्क18 बार पढ़ा गया
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हाल ही में, कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने बताया कि वित्त मामलों की स्थायी समिति ने MDR (मर्चेंट डिस्काउंट रेट) शुल्कों पर चर्चा नहीं की है। यह बयान तब आया जब यूपीआई भुगतान प्रणाली को लेकर विवाद बढ़ गया है। गोगोई ने यह जानकारी साझा करते हुए कहा कि यह मुद्दा संसद में उचित रूप से नहीं उठाया गया है।

गौरव गोगोई ने कहा कि यूपीआई भुगतान पर एमडीआर शुल्कों को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर हमला किया है। उनका मानना है कि यह शुल्क उपभोक्ताओं के लिए बोझ बन रहे हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि इस पर चर्चा होती, तो सही दिशा में निर्णय लिया जा सकता था।

इस विवाद का संदर्भ यह है कि यूपीआई भुगतान प्रणाली भारत में तेजी से लोकप्रिय हो रही है। इस प्रणाली के माध्यम से लोग आसानी से डिजिटल लेनदेन कर रहे हैं। हालांकि, एमडीआर शुल्कों को लेकर उपभोक्ताओं और व्यापारियों के बीच असंतोष बढ़ता जा रहा है।

गौरव गोगोई के बयान के बाद, कांग्रेस ने इस मुद्दे पर सरकार से स्पष्टीकरण मांगा है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार इस पर ध्यान नहीं देती है, तो यह उपभोक्ताओं के हित में नहीं होगा। कांग्रेस का यह प्रयास है कि इस मुद्दे को संसद में उठाया जाए।

इस विवाद का प्रभाव आम लोगों पर पड़ रहा है, जो डिजिटल लेनदेन के लिए यूपीआई का उपयोग कर रहे हैं। एमडीआर शुल्कों के कारण कई उपभोक्ता चिंतित हैं कि क्या उन्हें अतिरिक्त शुल्क का भुगतान करना पड़ेगा। इसके साथ ही, व्यापारियों को भी इस शुल्क के कारण नुकसान उठाना पड़ सकता है।

कांग्रेस के इस मुद्दे को उठाने के बाद, अन्य राजनीतिक दल भी इस पर अपनी राय व्यक्त कर सकते हैं। यह संभव है कि सरकार इस मुद्दे पर कोई नई नीति या दिशा-निर्देश जारी करे। इससे उपभोक्ताओं और व्यापारियों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की जा सकती है।

आगे की कार्रवाई में, कांग्रेस सांसदों ने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया है कि इस मुद्दे पर संसद में चर्चा हो। यदि यह चर्चा होती है, तो इससे एमडीआर शुल्कों के बारे में स्पष्टता आ सकती है। इसके अलावा, यह भी देखा जाएगा कि सरकार इस पर क्या कदम उठाती है।

कुल मिलाकर, एमडीआर शुल्कों का मुद्दा एक महत्वपूर्ण विषय बनता जा रहा है। कांग्रेस का इस पर ध्यान केंद्रित करना दर्शाता है कि वे उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए सक्रिय हैं। यह मुद्दा न केवल राजनीतिक बल्कि आर्थिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है।

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