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ब्रिक्स NSA बैठक में वैश्विक दक्षिण की ताकत बने ब्रिक्स

ब्रिक्स NSA बैठक में वांग यी ने वैश्विक दक्षिण की भूमिका पर चर्चा की। उन्होंने रूसी समकक्ष के साथ मिलकर ब्रिक्स के महत्व को रेखांकित किया। यह बैठक भारत में आयोजित की गई थी।

24 जून 20261 घंटे पहलेस्रोत: शुक्रवार डेस्क2 बार पढ़ा गया
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हाल ही में, ब्रिक्स NSA बैठक का आयोजन भारत में हुआ, जिसमें चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने भाग लिया। इस बैठक में उन्होंने वैश्विक दक्षिण की भूमिका को मजबूत करने के लिए ब्रिक्स के महत्व पर जोर दिया। वांग यी ने अपने रूसी समकक्ष के साथ मिलकर इस विषय पर चर्चा की।

बैठक के दौरान, वांग यी ने ब्रिक्स देशों की एकजुटता और सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स को वैश्विक दक्षिण की अग्रणी ताकत के रूप में उभरना चाहिए। इस संदर्भ में, उन्होंने विभिन्न मुद्दों पर सहयोग बढ़ाने की बात की।

ब्रिक्स का गठन 2009 में हुआ था, जिसमें ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं। यह समूह वैश्विक आर्थिक और राजनीतिक मुद्दों पर एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में उभरा है। पिछले कुछ वर्षों में, ब्रिक्स ने अपने सदस्यों के बीच सहयोग को बढ़ाने के लिए कई पहलों की शुरुआत की है।

वांग यी ने बैठक में कहा कि ब्रिक्स देशों को एकजुट होकर वैश्विक चुनौतियों का सामना करना चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ब्रिक्स को एक मजबूत आवाज बनानी चाहिए। हालांकि, बैठक में किसी आधिकारिक बयान का उल्लेख नहीं किया गया।

इस बैठक का प्रभाव स्थानीय लोगों पर भी पड़ा है। नागरिकों ने ब्रिक्स की भूमिका को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। उन्हें उम्मीद है कि इस तरह की बैठकें वैश्विक मुद्दों पर समाधान खोजने में मदद करेंगी।

बैठक के बाद, ब्रिक्स देशों के बीच और अधिक सहयोग की संभावना बढ़ गई है। वांग यी ने कहा कि यह बैठक भविष्य में और भी अधिक संवाद और सहयोग को प्रेरित करेगी। इससे ब्रिक्स देशों के बीच संबंध और मजबूत होंगे।

आगे की योजनाओं में, ब्रिक्स देशों के बीच नियमित बैठकें आयोजित करने की योजना है। यह बैठकें वैश्विक मुद्दों पर चर्चा करने और सहयोग बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण होंगी। इसके अलावा, ब्रिक्स के सदस्यों के बीच व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के लिए भी कदम उठाए जाएंगे।

इस बैठक का महत्व इस बात में है कि यह ब्रिक्स के सदस्यों के बीच सहयोग को बढ़ाने का एक मंच प्रदान करती है। वैश्विक दक्षिण की ताकत के रूप में ब्रिक्स का उभरना, अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत है। यह बैठक भविष्य में वैश्विक मुद्दों पर सामूहिक प्रतिक्रिया के लिए एक आधार तैयार कर सकती है।

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