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प्रियांक खरगे ने RSS पर राम मंदिर को लेकर बयान दिया

प्रियांक खरगे ने RSS पर राम मंदिर निर्माण का श्रेय लेने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यदि RSS मंदिर निर्माण का श्रेय लेता है, तो चंदा चोरी का भी श्रेय ले। यह बयान कर्नाटक में दिया गया।

10 जुलाई 20261 घंटे पहलेस्रोत: शुक्रवार डेस्क78 बार पढ़ा गया
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प्रियांक खरगे ने RSS पर राम मंदिर को लेकर बयान दिया

कर्नाटक में प्रियांक खरगे ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर राम मंदिर निर्माण का श्रेय लेने का आरोप लगाया। उन्होंने यह बयान हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान दिया, जिसमें उन्होंने RSS से कहा कि यदि वे राम मंदिर बनाने का श्रेय लेते हैं, तो उन्हें चंदा चोरी का भी श्रेय लेना चाहिए। यह बयान राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है।

प्रियांक खरगे ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि RSS को अपनी जिम्मेदारियों को समझना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि राम मंदिर का निर्माण एक महत्वपूर्ण मुद्दा है, लेकिन इसे राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। उनके इस बयान ने RSS के प्रति तीखी आलोचना को जन्म दिया है।

RSS और भाजपा का राम मंदिर निर्माण का मुद्दा लंबे समय से चर्चा में है। अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण भारतीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है। इस मुद्दे ने कई चुनावों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और यह सामाजिक और धार्मिक ध्रुवीकरण का कारण भी बना है।

हालांकि, इस विषय पर RSS की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। प्रियांक खरगे के बयान के बाद RSS के नेताओं ने चुप्पी साधी हुई है। यह देखना दिलचस्प होगा कि RSS इस मुद्दे पर आगे क्या कदम उठाता है।

प्रियांक खरगे के बयान का आम लोगों पर क्या प्रभाव पड़ेगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है। हालांकि, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के बयान से आम जनता में RSS के प्रति नकारात्मक भावना उत्पन्न हो सकती है। इससे कर्नाटक में आगामी चुनावों पर भी असर पड़ सकता है।

इस बीच, कर्नाटक में अन्य राजनीतिक दल भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देने के लिए तैयार हैं। कांग्रेस पार्टी ने इस बयान को अपने राजनीतिक अभियान का हिस्सा बनाने का निर्णय लिया है। इससे राजनीतिक माहौल में और गर्मी आने की संभावना है।

आगे क्या होगा, यह देखना महत्वपूर्ण होगा। प्रियांक खरगे के बयान के बाद, राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला तेज हो सकता है। इसके साथ ही, यह भी देखने की आवश्यकता होगी कि RSS इस मुद्दे पर अपनी स्थिति स्पष्ट करता है या नहीं।

कुल मिलाकर, प्रियांक खरगे का यह बयान RSS के लिए चुनौती बन सकता है। यह बयान न केवल कर्नाटक में बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी राजनीतिक चर्चाओं को जन्म दे सकता है। राम मंदिर का मुद्दा भारतीय राजनीति में एक संवेदनशील विषय बना हुआ है, और इस पर होने वाली चर्चाएँ आगे भी जारी रहेंगी।

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