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पश्चिम बंगाल सरकार ने UCC के लिए समिति गठित की

पश्चिम बंगाल सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) पर एक समिति का गठन किया है। यह समिति रिटायर्ड जज रंजना देसाई की अध्यक्षता में नौ सदस्यों की होगी। इस कदम का उद्देश्य राज्य में समान नागरिक कानून को लागू करने की दिशा में आगे बढ़ना है।

11 जुलाई 20261 घंटे पहलेस्रोत: शुक्रवार डेस्क2 बार पढ़ा गया
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पश्चिम बंगाल सरकार ने यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) के संबंध में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए नौ सदस्यीय समिति का गठन किया है। यह समिति रिटायर्ड जज रंजना देसाई की अध्यक्षता में कार्य करेगी। यह निर्णय हाल ही में लिया गया है और इसका उद्देश्य राज्य में समान नागरिक कानून को लागू करना है।

समिति के गठन का उद्देश्य विभिन्न धार्मिक समुदायों के बीच समानता सुनिश्चित करना है। UCC का लक्ष्य सभी नागरिकों के लिए समान कानून लागू करना है, जिससे व्यक्तिगत कानूनों में भेदभाव को समाप्त किया जा सके। रंजना देसाई की अध्यक्षता में यह समिति विभिन्न पहलुओं पर विचार करेगी और सुझाव प्रस्तुत करेगी।

UCC का विचार भारतीय संविधान के अनुच्छेद 44 में निहित है, जो सभी नागरिकों के लिए समान नागरिक कानून की बात करता है। यह मुद्दा लंबे समय से चर्चा का विषय रहा है, और विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच इस पर मतभेद भी हैं। पश्चिम बंगाल में यह कदम राज्य सरकार की ओर से एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।

पश्चिम बंगाल सरकार ने इस समिति के गठन पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। हालांकि, यह कदम राज्य में सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है। समिति के सदस्यों में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ शामिल होंगे।

इस समिति के गठन से आम लोगों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ने की उम्मीद है। UCC के लागू होने से नागरिकों को समान अधिकार और कर्तव्य मिलेंगे, जिससे सामाजिक न्याय की दिशा में एक कदम आगे बढ़ा जा सकेगा। यह कदम विभिन्न धार्मिक समुदायों के बीच एकता को भी बढ़ावा दे सकता है।

समिति की पहली बैठक कब होगी, इस पर कोई जानकारी नहीं दी गई है। हालांकि, यह उम्मीद की जा रही है कि समिति जल्द ही अपने कार्यों की शुरुआत करेगी और UCC के संबंध में सुझाव प्रस्तुत करेगी। इसके बाद, सरकार इन सुझावों पर विचार कर सकती है।

आगे की प्रक्रिया में समिति द्वारा प्रस्तुत सुझावों को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार UCC को लागू करने की दिशा में कदम उठा सकती है। यह प्रक्रिया समय ले सकती है, लेकिन इसके प्रभावी होने पर राज्य में नागरिकों के अधिकारों में सुधार हो सकता है।

इस कदम का महत्व इसलिए है क्योंकि यह समाज में समानता और न्याय की भावना को बढ़ावा देगा। UCC का कार्यान्वयन यदि सफल होता है, तो यह अन्य राज्यों के लिए भी एक उदाहरण प्रस्तुत कर सकता है। पश्चिम बंगाल सरकार का यह कदम सामाजिक समरसता की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

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