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212वीं भानु जयंती पर CM तमांग का भाषण

मुख्यमंत्री तमांग ने मातृभाषा के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भाषा और संस्कृति समाज की असली ताकत हैं। मातृभाषा आत्मा से जोड़ती है और अंग्रेजी दुनिया से।

14 जुलाई 20261 घंटे पहलेस्रोत: शुक्रवार डेस्क0 बार पढ़ा गया
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212वीं भानु जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री तमांग ने मातृभाषा के महत्व पर प्रकाश डाला। यह कार्यक्रम हाल ही में आयोजित किया गया था, जिसमें उन्होंने मातृभाषा को आत्मा से जोड़ने वाला बताया। उन्होंने यह भी कहा कि अंग्रेजी दुनिया से जोड़ती है, लेकिन मातृभाषा समाज की असली ताकत है।

मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में यह स्पष्ट किया कि मातृभाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं है, बल्कि यह संस्कृति और पहचान का भी प्रतीक है। उन्होंने कहा कि भाषा और संस्कृति का संरक्षण आवश्यक है। इस अवसर पर उन्होंने भानु जयंती के महत्व को भी रेखांकित किया, जो भाषा और साहित्य के प्रति सम्मान प्रकट करता है।

भानु जयंती का आयोजन हर वर्ष भानु भक्ति के सम्मान में किया जाता है, जो नेपाली भाषा के प्रसिद्ध कवि थे। इस दिन को मनाने का उद्देश्य मातृभाषा के प्रति जागरूकता फैलाना और उसकी महत्ता को समझाना है। भानु भक्ति ने नेपाली साहित्य में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, जिससे उनकी जयंती को विशेष महत्व दिया जाता है।

मुख्यमंत्री तमांग ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि मातृभाषा के प्रति प्रेम और सम्मान से ही समाज की सच्ची ताकत बढ़ती है। उन्होंने सभी से अपील की कि वे अपनी मातृभाषा को सहेजें और उसका प्रचार करें। इस संदर्भ में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या बयान नहीं दिया गया है।

इस कार्यक्रम का लोगों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। मातृभाषा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए यह एक महत्वपूर्ण कदम है। लोग इस अवसर पर अपनी मातृभाषा के महत्व को समझने के लिए प्रेरित हुए हैं।

भानु जयंती के साथ-साथ अन्य संबंधित गतिविधियाँ भी आयोजित की जा रही हैं, जो मातृभाषा और संस्कृति के संरक्षण पर केंद्रित हैं। इस दिन को मनाने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें भाषण, कवि सम्मेलन और सांस्कृतिक कार्यक्रम शामिल हैं।

आगे की योजनाओं में मातृभाषा के प्रचार-प्रसार के लिए विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि मातृभाषा को नई पीढ़ी तक पहुँचाया जाए। इसके अलावा, शिक्षा प्रणाली में मातृभाषा को शामिल करने पर भी विचार किया जा रहा है।

भानु जयंती का आयोजन मातृभाषा और संस्कृति के महत्व को उजागर करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। मुख्यमंत्री तमांग के विचारों ने इस दिन की महत्ता को और बढ़ा दिया है। यह कार्यक्रम समाज में मातृभाषा के प्रति सम्मान और प्रेम को बढ़ावा देने में सहायक होगा।

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