रविवार, 24 मई 2026भाषा: हिंदी
शुक्रवार डिजिटल
bharat

सिक्किम स्थापना दिवस पर उपराष्ट्रपति का बयान

सिक्किम स्थापना दिवस पर उपराष्ट्रपति ने जैविक खेती को सांस्कृतिक क्रांति बताया। उन्होंने इसे कृषि सुधार से अधिक महत्वपूर्ण बताया। इस अवसर पर जैविक खेती के महत्व पर जोर दिया गया।

16 मई 202616 मई 2026स्रोत: शुक्रवार डेस्क28 बार पढ़ा गया
WXfT

सिक्किम स्थापना दिवस के अवसर पर उपराष्ट्रपति ने एक महत्वपूर्ण बयान दिया। यह कार्यक्रम सिक्किम में आयोजित किया गया, जहाँ उन्होंने जैविक खेती के महत्व पर प्रकाश डाला। उपराष्ट्रपति ने कहा कि जैविक खेती केवल कृषि सुधार नहीं है, बल्कि यह एक सांस्कृतिक क्रांति है।

उपराष्ट्रपति ने अपने संबोधन में जैविक खेती के लाभों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि यह न केवल पर्यावरण के लिए फायदेमंद है, बल्कि किसानों की आय में भी वृद्धि कर सकती है। इस अवसर पर उन्होंने किसानों को जैविक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया।

सिक्किम ने जैविक खेती को अपनाने में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राज्य ने 2003 में जैविक खेती को अपनाने की दिशा में कदम बढ़ाया था और अब यह राज्य पूरी तरह से जैविक खेती के लिए जाना जाता है। यह पहल अन्य राज्यों के लिए एक उदाहरण बन गई है।

उपराष्ट्रपति के बयान के बाद राज्य सरकार ने जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए अपनी योजनाओं को और मजबूत करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को आवश्यक सहायता प्रदान करेगी। यह कदम किसानों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।

जैविक खेती के प्रति बढ़ती जागरूकता से स्थानीय लोगों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। किसान अब अधिक लाभकारी फसलों की खेती करने के लिए प्रेरित हो रहे हैं। इससे न केवल उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हो रहा है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिल रही है।

इस कार्यक्रम के दौरान अन्य विकासों की भी चर्चा की गई। जैविक उत्पादों की मार्केटिंग और वितरण के लिए नई योजनाओं का प्रस्ताव रखा गया। यह योजनाएँ किसानों को अपने उत्पादों को बेहतर तरीके से बेचने में मदद करेंगी।

आगे की योजनाओं में जैविक खेती को और अधिक प्रोत्साहित करने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने की योजना है। इसके अलावा, किसानों को नई तकनीकों और विधियों से अवगत कराने के लिए कार्यशालाएँ भी आयोजित की जाएंगी।

सिक्किम स्थापना दिवस पर उपराष्ट्रपति का यह बयान जैविक खेती के महत्व को उजागर करता है। यह न केवल कृषि क्षेत्र में सुधार लाने का प्रयास है, बल्कि एक सांस्कृतिक बदलाव की दिशा में भी एक कदम है। इस पहल से अन्य राज्यों को भी प्रेरणा मिल सकती है।

टैग:
सिक्किमजैविक खेतीउपराष्ट्रपतिकृषि सुधार
WXfT

bharat की और ख़बरें

और पढ़ें →