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रूस में सुरक्षा सम्मेलन में डोभाल का आतंकवाद पर बयान

भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने मॉस्को में आतंकवाद के खिलाफ दोहरे मापदंडों की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आतंकवाद वैश्विक शांति के लिए गंभीर चुनौती है। यह बयान पहले अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मंच के दौरान दिया गया।

28 मई 20261 घंटे पहलेस्रोत: शुक्रवार डेस्क2 बार पढ़ा गया
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भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने गुरुवार को मॉस्को में आयोजित पहले अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मंच को संबोधित किया। इस मंच पर उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक एकता की आवश्यकता पर जोर दिया। डोभाल ने कहा कि आतंकवाद वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए गंभीर चुनौती बना हुआ है।

डोभाल ने अपने संबोधन में आतंकवाद के खिलाफ दोहरे मापदंडों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि सभी देशों को इस समस्या के प्रति एकजुट होकर काम करना चाहिए। उनके अनुसार, आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता है।

भारत और रूस के बीच सुरक्षा सहयोग का इतिहास रहा है, और इस सम्मेलन में डोभाल का बयान इस संबंध को और मजबूत करने का एक प्रयास है। आतंकवाद के मुद्दे पर भारत की स्थिति हमेशा स्पष्ट रही है, और डोभाल ने इसे फिर से रेखांकित किया। इस संदर्भ में, उन्होंने वैश्विक समुदाय से एकजुटता की अपील की।

इस सम्मेलन में डोभाल का बयान भारत की सुरक्षा नीति को दर्शाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में किसी भी प्रकार के दोहरे मापदंड नहीं होने चाहिए। यह बयान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुरक्षा सहयोग को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण है।

डोभाल के बयान का प्रभाव लोगों पर भी पड़ सकता है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां आतंकवाद का खतरा अधिक है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद से प्रभावित देशों को एकजुट होकर काम करना चाहिए। इससे लोगों की सुरक्षा और स्थिरता में सुधार हो सकता है।

इस सम्मेलन के बाद, भारत और रूस के बीच सुरक्षा सहयोग को और बढ़ाने की संभावनाएँ हैं। दोनों देशों के बीच आतंकवाद के खिलाफ साझा रणनीतियों पर चर्चा की जा सकती है। यह सहयोग न केवल द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करेगा, बल्कि वैश्विक सुरक्षा में भी योगदान देगा।

आगे की प्रक्रिया में, डोभाल के बयान के आधार पर विभिन्न देशों के साथ बातचीत की जा सकती है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या अन्य देश भी आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता दिखाते हैं। इस दिशा में उठाए गए कदमों का वैश्विक सुरक्षा पर दीर्घकालिक प्रभाव हो सकता है।

इस सम्मेलन में डोभाल का बयान आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक एकता की आवश्यकता को उजागर करता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आतंकवाद केवल एक देश की समस्या नहीं है, बल्कि यह सभी देशों के लिए चुनौती है। इस प्रकार, यह सम्मेलन और डोभाल का बयान अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा सहयोग के लिए महत्वपूर्ण हैं।

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