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जसपाल राणा के निधन से मनु भाकर हुईं भावुक

भारत के पूर्व निशानेबाज जसपाल राणा का निधन हो गया। मनु भाकर ने उन्हें श्रद्धांजलि दी और भावुक हो गईं। राणा का मनु की सफलता में महत्वपूर्ण योगदान था।

13 जून 20262 घंटे पहलेस्रोत: शुक्रवार डेस्क0 बार पढ़ा गया
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भारत के पूर्व निशानेबाज और मशहूर कोच जसपाल राणा का निधन हाल ही में हुआ। यह घटना मनु भाकर के लिए एक अपूरणीय क्षति साबित हुई है। जसपाल राणा, जिन्होंने मनु को प्रशिक्षित किया, उनकी सफलता में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। मनु ने राणा के घर जाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी।

जसपाल राणा का निधन निशानेबाजी की दुनिया में एक बड़ा नुकसान है। मनु भाकर ने इस अवसर पर अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हुए कहा कि राणा के बिना उनकी यात्रा अधूरी है। राणा ने न केवल मनु को तकनीकी कौशल सिखाया, बल्कि उन्हें मानसिक रूप से भी मजबूत बनाया। उनकी शिक्षाएं और मार्गदर्शन मनु के लिए हमेशा प्रेरणा का स्रोत रहेंगे।

जसपाल राणा का करियर कई उपलब्धियों से भरा हुआ था। उन्होंने भारतीय निशानेबाजी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई और कई युवा निशानेबाजों को प्रशिक्षित किया। मनु भाकर जैसे प्रतिभाशाली निशानेबाजों की सफलता में राणा का योगदान महत्वपूर्ण रहा है। उनके निधन ने न केवल मनु, बल्कि पूरे निशानेबाजी समुदाय को गहरा दुख पहुंचाया है।

मनु भाकर ने राणा के निधन पर अपनी भावनाएं साझा करते हुए कहा कि यह एक अपूरणीय क्षति है। उन्होंने राणा के प्रति अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि वह हमेशा उनके मार्गदर्शन को याद रखेंगी। राणा ने मनु को केवल एक कोच के रूप में नहीं, बल्कि एक मार्गदर्शक के रूप में भी देखा।

जसपाल राणा के निधन का प्रभाव उनके प्रशंसकों और छात्रों पर गहरा पड़ा है। मनु भाकर ने अपनी भावनाओं को साझा करते हुए कहा कि राणा की शिक्षाएं हमेशा उनके साथ रहेंगी। उनके निधन ने युवा निशानेबाजों को भी प्रेरित किया है कि वे राणा के सिद्धांतों का पालन करें।

इस घटना के बाद, निशानेबाजी समुदाय में शोक की लहर दौड़ गई है। कई अन्य निशानेबाजों और कोचों ने भी राणा के योगदान को याद किया है। उनकी शिक्षाएं और दृष्टिकोण आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेंगे।

आगे क्या होगा, यह देखना महत्वपूर्ण है। मनु भाकर और अन्य युवा निशानेबाज राणा की शिक्षाओं को अपने करियर में लागू करने का प्रयास करेंगे। राणा की विरासत को जीवित रखने के लिए कई कार्यक्रमों और पहल की योजना बनाई जा सकती है।

जसपाल राणा का निधन भारतीय निशानेबाजी के लिए एक बड़ा नुकसान है। मनु भाकर की भावनाएं इस बात का प्रमाण हैं कि राणा ने कितनी गहरी छाप छोड़ी थी। उनकी शिक्षाएं और मार्गदर्शन हमेशा युवा निशानेबाजों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेंगे।

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