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असम सीएम का बड़ा बयान, बांग्लादेश सीमा की घेराबंदी जरूरी

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा है कि असम समझौते के तहत केवल असम की नहीं, बल्कि पूरी बांग्लादेश सीमा की घेराबंदी होनी चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह कदम आवश्यक है। यह बयान असम समझौते के संदर्भ में दिया गया है।

14 जून 20261 घंटे पहलेस्रोत: शुक्रवार डेस्क2 बार पढ़ा गया
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असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण बयान दिया है जिसमें उन्होंने कहा कि असम समझौते के तहत केवल असम की घेराबंदी नहीं, बल्कि पूरी बांग्लादेश सीमा की घेराबंदी होनी चाहिए। यह बयान असम में एक कार्यक्रम के दौरान दिया गया। मुख्यमंत्री का यह बयान सीमा सुरक्षा और प्रवासियों के मुद्दे पर केंद्रित है।

मुख्यमंत्री सरमा ने स्पष्ट किया कि असम समझौते के तहत केवल असम की सीमाओं को सुरक्षित करना पर्याप्त नहीं है। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश से लगती पूरी सीमा की घेराबंदी आवश्यक है ताकि अवैध प्रवासियों की समस्या का समाधान किया जा सके। यह बयान असम में सुरक्षा और प्रवासी मुद्दों को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच आया है।

असम समझौता 1985 में हुआ था, जिसका उद्देश्य असम में अवैध प्रवासियों की पहचान और उन्हें वापस भेजने का था। यह समझौता असम में राजनीतिक स्थिरता लाने के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। मुख्यमंत्री का यह बयान इस समझौते के संदर्भ में एक नई दिशा की ओर इशारा करता है।

सरकार की ओर से इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन यह स्पष्ट है कि मुख्यमंत्री का यह बयान असम में सुरक्षा को लेकर सरकार की गंभीरता को दर्शाता है। उन्होंने यह भी कहा कि सीमा सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाने की आवश्यकता है।

इस बयान का प्रभाव असम के लोगों पर पड़ सकता है, खासकर उन लोगों पर जो अवैध प्रवासियों के मुद्दे से प्रभावित हैं। मुख्यमंत्री के इस बयान से उन लोगों में उम्मीद जगी है जो लंबे समय से इस समस्या का समाधान चाहते थे। यह बयान स्थानीय समुदायों के लिए भी महत्वपूर्ण है।

इससे पहले भी असम सरकार ने अवैध प्रवासियों के खिलाफ कई कदम उठाए हैं, लेकिन मुख्यमंत्री का यह नया बयान एक नई पहल की ओर संकेत करता है। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि सरकार इस मुद्दे को गंभीरता से ले रही है।

आगे क्या होगा, यह देखना महत्वपूर्ण होगा। यदि सरकार इस दिशा में ठोस कदम उठाती है, तो इससे असम में सुरक्षा स्थिति में सुधार हो सकता है। इसके अलावा, यह मुद्दा आगामी चुनावों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का यह बयान असम समझौते और सीमा सुरक्षा के मुद्दे पर एक महत्वपूर्ण चर्चा को जन्म देता है। यह न केवल असम के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए एक महत्वपूर्ण विषय है। इस प्रकार के कदमों से असम में स्थिरता और सुरक्षा को बढ़ावा मिल सकता है।

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