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महिला वर्ल्ड कप में 'नो हैंडशेक पॉलिसी' पर विवाद

महिला वर्ल्ड कप में भारत और पाकिस्तान के बीच 'नो हैंडशेक पॉलिसी' पर चर्चा हुई। यह नीति खिलाड़ियों के बीच हाथ मिलाने पर रोक लगाती है। इस विवाद ने खेल जगत में कई सवाल उठाए हैं।

14 जून 20261 घंटे पहलेस्रोत: शुक्रवार डेस्क0 बार पढ़ा गया
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महिला क्रिकेट विश्व कप 2023 में भारत और पाकिस्तान के बीच एक महत्वपूर्ण मैच के दौरान 'नो हैंडशेक पॉलिसी' को लेकर विवाद उत्पन्न हुआ। यह घटना उस समय हुई जब दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने मैच के बाद एक-दूसरे से हाथ नहीं मिलाया। यह नीति खेल के दौरान खिलाड़ियों के बीच संपर्क को सीमित करने के लिए लागू की गई है।

इस विवाद का मुख्य कारण यह है कि 'नो हैंडशेक पॉलिसी' खिलाड़ियों के बीच खेल भावना को प्रभावित कर सकती है। यह नीति खिलाड़ियों को एक-दूसरे के प्रति सम्मान और खेल भावना को व्यक्त करने से रोकती है। मैच के बाद हाथ मिलाने की परंपरा को न मानने के कारण कई प्रशंसकों और विशेषज्ञों ने अपनी चिंता व्यक्त की है।

इस नीति का背景 यह है कि वैश्विक स्तर पर खेलों में स्वास्थ्य और सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है। कोविड-19 महामारी के बाद से कई खेल आयोजनों में खिलाड़ियों के बीच संपर्क को कम करने के लिए ऐसे नियम लागू किए गए हैं। हालांकि, इस नीति के कारण खेल की पारंपरिक भावना पर सवाल उठ रहे हैं।

इस मामले में किसी आधिकारिक प्रतिक्रिया का उल्लेख नहीं किया गया है। लेकिन खिलाड़ियों और प्रशंसकों के बीच इस नीति के खिलाफ आवाज उठाई जा रही है। कुछ खिलाड़ियों ने इसे खेल की भावना के खिलाफ बताया है।

इस विवाद का प्रभाव खिलाड़ियों और प्रशंसकों पर पड़ा है। कई प्रशंसकों ने सोशल मीडिया पर इस नीति की आलोचना की है और इसे खेल के मूल्यों के खिलाफ बताया है। खिलाड़ियों के बीच हाथ मिलाने की परंपरा को न मानने से खेल की भावना को नुकसान पहुंच सकता है।

इस घटना के बाद, कई अन्य खेल आयोजनों में भी 'नो हैंडशेक पॉलिसी' पर चर्चा होने की संभावना है। यह नीति अन्य खेलों में भी लागू की जा सकती है, जिससे खिलाड़ियों के बीच संपर्क और खेल भावना पर प्रभाव पड़ सकता है।

आगे क्या होगा, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि खेल संगठनों द्वारा इस नीति पर क्या निर्णय लिया जाता है। यदि इस नीति को जारी रखा जाता है, तो खिलाड़ियों और प्रशंसकों के बीच असंतोष बढ़ सकता है।

इस विवाद ने खेल जगत में एक महत्वपूर्ण चर्चा को जन्म दिया है। 'नो हैंडशेक पॉलिसी' के कारण खिलाड़ियों के बीच संबंधों और खेल भावना पर सवाल उठ रहे हैं। यह नीति खेल के मूल्यों को प्रभावित कर सकती है, जिससे भविष्य में कई बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

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