सोमवार, 15 जून 2026भाषा: हिंदी
शुक्रवार डिजिटल
bharat

भारतीय सेना ने बदला ड्रेस कोड, कोलोनियल प्रथाएं समाप्त

भारतीय सेना ने अपने ड्रेस कोड में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। कोलोनियल युग की कई प्रथाओं को समाप्त किया गया है। स्वदेशी तत्वों को शामिल किया गया है और 'रॉयल' शब्द को हटाया गया है।

14 जून 20261 घंटे पहलेस्रोत: शुक्रवार डेस्क2 बार पढ़ा गया
WXfT

भारतीय सेना ने हाल ही में अपने ड्रेस कोड में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। यह बदलाव कोलोनियल युग की कई प्रथाओं को समाप्त करते हुए किया गया है। इस नई नीति के तहत स्वदेशी तत्वों को शामिल किया गया है और 'रॉयल' शब्द को भी हटा दिया गया है। यह निर्णय सेना की पहचान को और अधिक भारतीय बनाने के उद्देश्य से लिया गया है।

इस बदलाव का उद्देश्य भारतीय सेना की परंपराओं को मजबूत करना और विदेशी प्रभावों को कम करना है। नए ड्रेस कोड में सैनिकों के पहनावे में स्वदेशी रंग और डिजाइन शामिल किए जाएंगे। यह बदलाव भारतीय संस्कृति और पहचान को प्राथमिकता देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

भारतीय सेना का यह निर्णय एक ऐसे समय में आया है जब देश में आत्मनिर्भरता और स्वदेशी उत्पादों के प्रति बढ़ती रुचि देखी जा रही है। कोलोनियल प्रथाओं के खिलाफ आवाज उठाने के साथ-साथ यह बदलाव भारतीय नागरिकों के बीच गर्व की भावना को भी बढ़ावा देगा। यह कदम भारतीय सेना की ऐतिहासिक पहचान को पुनर्स्थापित करने का प्रयास है।

हालांकि, इस बदलाव पर आधिकारिक प्रतिक्रिया का कोई उल्लेख नहीं किया गया है। लेकिन यह स्पष्ट है कि सेना के उच्च अधिकारियों ने इस निर्णय को समर्थन दिया है। यह बदलाव सेना के भीतर एक नई सोच और दृष्टिकोण को दर्शाता है।

इस बदलाव का सीधा प्रभाव सैनिकों पर पड़ेगा, जो अब अधिक स्वदेशी और भारतीय पहचान के साथ अपने ड्रेस कोड का पालन करेंगे। यह बदलाव न केवल सैनिकों के लिए बल्कि आम जनता के लिए भी प्रेरणादायक हो सकता है। इससे भारतीय सेना की छवि और अधिक मजबूत होगी।

इससे पहले भी भारतीय सेना ने कई बार अपने ड्रेस कोड में बदलाव किए हैं, लेकिन यह बदलाव सबसे महत्वपूर्ण और व्यापक माना जा रहा है। यह बदलाव भारतीय संस्कृति को प्राथमिकता देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

आगे की प्रक्रिया में, यह देखना होगा कि नए ड्रेस कोड को लागू करने में कितनी चुनौतियाँ आती हैं। इसके साथ ही, यह भी महत्वपूर्ण होगा कि सैनिकों और अधिकारियों के बीच इस बदलाव को लेकर क्या प्रतिक्रिया होती है।

इस बदलाव का महत्व इस बात में है कि यह भारतीय सेना की पहचान को और अधिक मजबूत करेगा। यह कदम न केवल सेना के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। भारतीय संस्कृति और परंपराओं को प्राथमिकता देने के इस प्रयास को व्यापक समर्थन मिलने की संभावना है।

टैग:
भारतीय सेनाड्रेस कोडकोलोनियल प्रथाएंस्वदेशी तत्व
WXfT

bharat की और ख़बरें

और पढ़ें →