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निर्मला सीतारमण ने मेघालय में कला को वैश्विक बाजार दिलाने का वादा किया

निर्मला सीतारमण ने मेघालय में चाक पर कुम्हारों की कला का अनुभव किया। उन्होंने स्थानीय कुम्हारों की कला को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने का आश्वासन दिया। इसके साथ ही, उन्होंने एक खेल परिसर का उद्घाटन भी किया।

20 जून 20261 घंटे पहलेस्रोत: शुक्रवार डेस्क0 बार पढ़ा गया
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भारत की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने हाल ही में मेघालय में एक कार्यक्रम के दौरान कुम्हारों की कला को बढ़ावा देने के लिए चाक पर अपने हाथ आजमाए। यह घटना मेघालय में हुई, जहां उन्होंने स्थानीय कुम्हारों की कला की सराहना की। इस अवसर पर, उन्होंने कला को वैश्विक बाजार में पहचान दिलाने का वादा किया।

निर्मला सीतारमण ने इस कार्यक्रम में मेघालय के लर्नाई काले मिट्टी के बर्तन बनाने वाले कुम्हारों की कला की प्रशंसा की। उन्होंने स्थानीय कुम्हारों के साथ बातचीत की और उनकी कला के महत्व को समझा। इस दौरान, उन्होंने यह भी बताया कि कैसे यह कला न केवल स्थानीय संस्कृति का हिस्सा है, बल्कि इसे वैश्विक स्तर पर भी पहचान मिलनी चाहिए।

इस कार्यक्रम का आयोजन मेघालय में कुम्हारों की कला को बढ़ावा देने के लिए किया गया था। मेघालय की मिट्टी की कला का एक लंबा इतिहास है, और यह स्थानीय समुदाय के लिए आजीविका का एक महत्वपूर्ण साधन है। कुम्हारों की यह कला न केवल उनके कौशल को दर्शाती है, बल्कि यह क्षेत्र की सांस्कृतिक धरोहर का भी प्रतीक है।

निर्मला सीतारमण ने इस अवसर पर एक खेल परिसर का भी उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि यह परिसर युवाओं के लिए खेलों में भागीदारी को बढ़ावा देगा। उनके इस कदम को स्थानीय लोगों ने सकारात्मक रूप से लिया है, जो खेलों के प्रति अधिक रुचि दिखा रहे हैं।

इस घटना का स्थानीय लोगों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। कुम्हारों को उम्मीद है कि उनकी कला को वैश्विक स्तर पर पहचान मिलेगी, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। इसके अलावा, खेल परिसर के उद्घाटन से युवाओं को खेलों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।

निर्मला सीतारमण की इस यात्रा के दौरान कई अन्य विकासात्मक गतिविधियों की भी चर्चा हुई। उन्होंने स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाओं का उल्लेख किया। इस प्रकार की पहलों से मेघालय के विकास में तेजी आने की संभावना है।

आगे की योजना में, स्थानीय कुम्हारों को प्रशिक्षण देने और उनके उत्पादों को बाजार में लाने के लिए कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा, खेल परिसर का उपयोग विभिन्न खेल आयोजनों के लिए किया जाएगा, जिससे स्थानीय प्रतिभाओं को निखारने का अवसर मिलेगा।

इस प्रकार, निर्मला सीतारमण की यह पहल मेघालय में कला और खेल को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण है। यह न केवल स्थानीय कुम्हारों के लिए एक नई उम्मीद लेकर आई है, बल्कि युवाओं के लिए भी नए अवसर प्रदान कर रही है। इस तरह की पहलों से मेघालय के विकास में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकता है।

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