कनिष्क बमकांड की 41वीं बरसी 23 जून 2023 को मनाई गई। इस अवसर पर भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पीड़ितों को श्रद्धांजलि अर्पित की। यह घटना 1985 में हुई थी, जब एयर इंडिया का एक विमान कनिष्क को उड़ान भरते समय बम विस्फोट का शिकार हुआ था।
इस बमकांड में 329 लोग मारे गए थे, जिनमें से अधिकांश भारतीय थे। यह घटना कनाडा के एयर स्पेस में हुई थी और इसे आतंकवाद का एक बड़ा उदाहरण माना जाता है। कनिष्क बमकांड ने भारत और विदेशों में आतंकवाद के खिलाफ जागरूकता बढ़ाई।
कनिष्क बमकांड का इतिहास भारतीय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के संदर्भ में महत्वपूर्ण है। यह घटना भारत में आतंकवाद के बढ़ते खतरे को उजागर करती है। इसके बाद भारत ने आतंकवाद के खिलाफ कई कदम उठाए हैं और सुरक्षा नीतियों में सुधार किया है।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने इस अवसर पर कहा कि भारत आतंकवाद के खिलाफ अपने संकल्प को दोहराता है। उन्होंने पीड़ितों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और कहा कि भारत आतंकवाद के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेगा।
इस बमकांड का लोगों पर गहरा प्रभाव पड़ा है। पीड़ितों के परिवारों ने आज भी इस घटना को भुलाया नहीं है। यह घटना न केवल व्यक्तिगत स्तर पर, बल्कि सामूहिक स्तर पर भी भारतीय समाज को प्रभावित करती है।
कनिष्क बमकांड की बरसी पर कई कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। विभिन्न संगठनों ने इस दिन को याद करने के लिए विशेष आयोजन किए। यह आयोजन आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता का प्रतीक है।
आगे की कार्रवाई में, भारत ने आतंकवाद के खिलाफ अपने प्रयासों को और मजबूत करने का संकल्प लिया है। सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ जागरूकता फैलाने और सुरक्षा उपायों को बढ़ाने के लिए योजनाएँ बनाई हैं।
कनिष्क बमकांड की 41वीं बरसी एक महत्वपूर्ण अवसर है, जो आतंकवाद के खिलाफ भारत के संकल्प को दर्शाता है। यह घटना न केवल इतिहास में एक दुखद अध्याय है, बल्कि यह हमें आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होने की प्रेरणा भी देती है।
