केंद्र सरकार ने 1 जुलाई 2026 से पासपोर्ट बनवाने की फीस में वृद्धि की है। नए शुल्क के अनुसार, 36 पेज के पासपोर्ट के लिए अब नागरिकों को ₹2,500 का भुगतान करना होगा। यह निर्णय विदेश यात्रा की योजना बना रहे लोगों के लिए महत्वपूर्ण है।
इस वृद्धि में नॉर्मल, तत्काल और बच्चों के पासपोर्ट के लिए नए रेट्स शामिल हैं। सरकार ने यह कदम पासपोर्ट सेवाओं की लागत को ध्यान में रखते हुए उठाया है। इससे पहले भी पासपोर्ट शुल्क में समय-समय पर बदलाव होते रहे हैं।
भारत में पासपोर्ट बनवाने की प्रक्रिया और शुल्क का इतिहास काफी लंबा है। समय-समय पर सरकार ने विभिन्न कारणों से पासपोर्ट शुल्क में बदलाव किया है। यह वृद्धि भी इसी क्रम में एक नया अध्याय है।
हालांकि, इस मामले में सरकार की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। लेकिन यह स्पष्ट है कि इस निर्णय का उद्देश्य पासपोर्ट सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाना है।
इस बदलाव का सीधा असर उन लोगों पर पड़ेगा जो विदेश यात्रा की योजना बना रहे हैं। अधिक शुल्क के कारण कुछ लोग अपनी यात्रा की योजना पर पुनर्विचार कर सकते हैं। यह विशेष रूप से उन परिवारों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है जो बच्चों के पासपोर्ट के लिए भी आवेदन कर रहे हैं।
इस बीच, पासपोर्ट बनवाने की प्रक्रिया में कोई अन्य बदलाव नहीं किया गया है। नागरिकों को अब भी ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से पासपोर्ट के लिए आवेदन करने की सुविधा मिलेगी।
आगे की प्रक्रिया में, नागरिकों को नए शुल्क के अनुसार आवेदन करना होगा। यह सुनिश्चित करना आवश्यक होगा कि सभी दस्तावेज सही और पूर्ण हों। इससे पासपोर्ट प्राप्त करने में कोई कठिनाई नहीं होगी।
इस वृद्धि का महत्व इस बात में है कि यह विदेश यात्रा की लागत को प्रभावित करेगा। नागरिकों को अब अधिक शुल्क का भुगतान करना होगा, जो उनकी यात्रा की योजना को प्रभावित कर सकता है। यह निर्णय भविष्य में पासपोर्ट सेवाओं के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।

