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प्रधान सचिव ने कहा, शासन व्यवस्था होगी डाटा आधारित

प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पीके मिश्रा ने कहा कि शासन व्यवस्था डाटा आधारित होगी। उन्होंने जीडीपी और सीपीआई पर भी अपने विचार साझा किए। यह बयान 'विकसित भारत' लक्ष्य के संदर्भ में दिया गया।

30 जून 20261 घंटे पहलेस्रोत: शुक्रवार डेस्क4 बार पढ़ा गया
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प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पीके मिश्रा ने हाल ही में कहा कि भारत का शासन तंत्र अब डाटा आधारित होगा। यह बयान 'विकसित भारत' लक्ष्य के संदर्भ में दिया गया। उन्होंने यह टिप्पणी एक कार्यक्रम के दौरान की, जिसमें आर्थिक विकास और नीति निर्माण पर चर्चा की गई।

मिश्रा ने कहा कि डाटा के उपयोग से शासन में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ेगी। उन्होंने यह भी बताया कि जीडीपी और सीपीआई जैसे आर्थिक संकेतकों का सही उपयोग किया जाएगा। इस प्रकार, सरकार की नीतियों को अधिक प्रभावी बनाने के लिए डाटा का विश्लेषण किया जाएगा।

भारत में आर्थिक विकास की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। पिछले कुछ वर्षों में, सरकार ने कई योजनाओं और नीतियों को लागू किया है, जिनका उद्देश्य देश को विकसित देशों की श्रेणी में लाना है। इस संदर्भ में, डाटा आधारित शासन प्रणाली को एक महत्वपूर्ण उपकरण माना जा रहा है।

हालांकि, इस बयान के संदर्भ में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या बयान नहीं दिया गया है। लेकिन यह स्पष्ट है कि सरकार इस दिशा में गंभीरता से काम कर रही है। मिश्रा के बयान से यह संकेत मिलता है कि सरकार आर्थिक संकेतकों को ध्यान में रखते हुए नीतियों का निर्माण करेगी।

इस नई प्रणाली का प्रभाव आम लोगों पर भी पड़ेगा। डाटा आधारित शासन से लोगों को अधिक पारदर्शिता और जवाबदेही मिलेगी। इससे नागरिकों का सरकार पर विश्वास बढ़ेगा और वे अपनी समस्याओं को बेहतर तरीके से व्यक्त कर सकेंगे।

इस बीच, सरकार ने डाटा संग्रहण और विश्लेषण के लिए नई तकनीकों को अपनाने की योजना बनाई है। इससे न केवल शासन में सुधार होगा, बल्कि आर्थिक विकास की गति भी तेज होगी। यह कदम भारत को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने में मदद करेगा।

आगे की योजना के तहत, सरकार विभिन्न क्षेत्रों में डाटा संग्रहण के लिए विशेष कार्यक्रम शुरू कर सकती है। इसके अलावा, नीतियों के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए आवश्यक संसाधनों की पहचान की जाएगी। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी स्तरों पर डाटा का सही उपयोग हो।

इस प्रकार, प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव का बयान भारत के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण दिशा में कदम है। डाटा आधारित शासन प्रणाली से न केवल आर्थिक विकास को गति मिलेगी, बल्कि यह नागरिकों के जीवन में भी सुधार लाएगी। यह पहल भारत को विकसित देशों की श्रेणी में लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो सकती है।

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