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तीजनबाई का निधन, छत्तीसगढ़ में शोक की लहर

तीजनबाई का निधन छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में शोक का कारण बना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश के मुखिया विष्णुदेव साय ने उन्हें श्रद्धांजलि दी है। उनके योगदान को याद किया जा रहा है।

5 जुलाई 20262 घंटे पहलेस्रोत: शुक्रवार डेस्क4 बार पढ़ा गया
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छत्तीसगढ़ की प्रसिद्ध पंडवानी गायिका तीजनबाई का निधन हो गया है। उनके निधन से छत्तीसगढ़ समेत पूरे देश में शोक की लहर है। यह घटना हाल ही में हुई, जिससे कला और संस्कृति के क्षेत्र में एक बड़ा नुकसान हुआ है।

तीजनबाई ने अपनी कला के माध्यम से पंडवानी को नई पहचान दी थी। उन्होंने महाभारत की कथा को अपने अनूठे अंदाज में प्रस्तुत किया, जिससे यह कला का रूप और भी समृद्ध हुआ। उनके गायन में भावनाओं की गहराई और कथानक की प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया था।

तीजनबाई का जन्म छत्तीसगढ़ में हुआ था और उन्होंने अपने करियर की शुरुआत से ही पंडवानी को लोकप्रिय बनाने का कार्य किया। उनकी कला ने न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश में पंडवानी को एक विशेष स्थान दिलाया। उनके योगदान को देखते हुए उन्हें कई पुरस्कार और सम्मान भी मिले थे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने तीजनबाई के निधन पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए उनके योगदान को याद किया है। यह बयान उनके प्रति सम्मान और श्रद्धा का प्रतीक है।

तीजनबाई के निधन से उनके प्रशंसकों और कला प्रेमियों में गहरा दुख है। उनकी गायकी ने कई लोगों के जीवन को प्रभावित किया था और उनके जाने से एक खालीपन महसूस हो रहा है। लोग उनकी कला को याद कर रहे हैं और उनके योगदान को सराह रहे हैं।

इस घटना के बाद, कई सांस्कृतिक कार्यक्रमों में तीजनबाई को श्रद्धांजलि देने की तैयारी की जा रही है। उनके प्रशंसक और साथी कलाकार उनकी याद में विशेष कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बना रहे हैं। यह एक प्रयास होगा उनकी कला को जीवित रखने का।

आगे की प्रक्रिया में, तीजनबाई के परिवार और प्रशंसकों के लिए एक शोक सभा आयोजित की जा सकती है। इसके साथ ही, उनकी कला को आगे बढ़ाने के लिए विभिन्न सांस्कृतिक संस्थानों द्वारा पहल की जा सकती है।

तीजनबाई का निधन एक युग का अंत है, जिसने भारतीय कला में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनकी कला और गायकी को हमेशा याद रखा जाएगा। यह घटना न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश के लिए एक बड़ी क्षति है।

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