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कोलकाता एयरपोर्ट की मस्जिद में नमाज तीन दिन के लिए स्थगित

कोलकाता एयरपोर्ट की 130 साल पुरानी मस्जिद में तीन दिन के लिए नमाज स्थगित कर दी गई है। यह निर्णय कुछ कारणों से लिया गया है, जो अभी स्पष्ट नहीं हैं। इस घटना से यात्रियों और स्थानीय समुदाय में चिंता बढ़ गई है।

11 जुलाई 20261 घंटे पहलेस्रोत: शुक्रवार डेस्क2 बार पढ़ा गया
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कोलकाता एयरपोर्ट की 130 साल पुरानी मस्जिद में तीन दिन के लिए नमाज स्थगित कर दी गई है। यह निर्णय हाल ही में लिया गया है और इससे स्थानीय मुस्लिम समुदाय में चिंता का माहौल है। मस्जिद का नाम बांकुरा मस्जिद है, जो एयरपोर्ट के भीतर स्थित है।

स्थगन का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं किया गया है, लेकिन यह निर्णय यात्रियों और स्थानीय लोगों के लिए महत्वपूर्ण है। मस्जिद का उपयोग न केवल यात्रियों द्वारा किया जाता है, बल्कि यह स्थानीय समुदाय के लिए भी एक धार्मिक स्थल है। इस मस्जिद का इतिहास और महत्व इसे एक विशेष स्थान देता है।

कोलकाता एयरपोर्ट की यह मस्जिद 130 साल पुरानी है और इसका निर्माण उस समय हुआ था जब एयरपोर्ट का विकास शुरू हुआ था। यह मस्जिद न केवल धार्मिक गतिविधियों के लिए, बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक एकता के प्रतीक के रूप में भी जानी जाती है। इसके आसपास के क्षेत्र में मुस्लिम समुदाय के लोग इसे अपनी पहचान का हिस्सा मानते हैं।

स्थगन के संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। हालांकि, स्थानीय समुदाय के लोग इस निर्णय को लेकर चिंतित हैं और इसकी वजह जानने के लिए प्रयासरत हैं। मस्जिद के इमाम और स्थानीय नेताओं ने इस मुद्दे पर चर्चा करने का निर्णय लिया है।

इस निर्णय का प्रभाव स्थानीय मुस्लिम समुदाय पर पड़ सकता है, जो नियमित रूप से यहां नमाज अदा करते हैं। नमाज स्थगित होने से लोगों में निराशा और चिंता का माहौल है। इससे धार्मिक गतिविधियों में बाधा उत्पन्न हो रही है, जो समुदाय के लिए महत्वपूर्ण हैं।

इस घटना के बाद, स्थानीय समुदाय ने एयरपोर्ट प्राधिकरण से इस मुद्दे पर स्पष्टीकरण मांगा है। इसके अलावा, कुछ संगठनों ने इस निर्णय के खिलाफ आवाज उठाई है और इसे धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन मानते हैं।

आगे क्या होगा, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि एयरपोर्ट प्राधिकरण इस मुद्दे पर क्या निर्णय लेते हैं। यदि स्थिति में सुधार नहीं होता है, तो स्थानीय समुदाय और संगठनों द्वारा विरोध प्रदर्शन की संभावना है।

इस घटना ने कोलकाता एयरपोर्ट की मस्जिद के महत्व को एक बार फिर से उजागर किया है। यह मस्जिद न केवल एक धार्मिक स्थल है, बल्कि यह सांस्कृतिक धरोहर का भी प्रतीक है। नमाज के स्थगन ने स्थानीय समुदाय में चिंता और असंतोष को जन्म दिया है, जो आगे की कार्रवाई की आवश्यकता को दर्शाता है।

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