विश्व युवा कौशल दिवस के अवसर पर 15 जुलाई 2023 को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में एक राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भाग लिया और युवाओं के लिए कौशल विकास के महत्व पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि पहले उत्तर प्रदेश में नौकरियों की कमी थी। उन्होंने यह भी बताया कि जब नौकरियां आती थीं, तो चाचा-भतीजे की जोड़ी उन पर वसूली करने में जुट जाती थी। इस संदर्भ में उन्होंने राज्य में कौशल विकास की दिशा में उठाए गए कदमों की चर्चा की।
योगी आदित्यनाथ ने यह भी बताया कि राज्य सरकार ने युवाओं को रोजगार देने के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं। उन्होंने कहा कि कौशल विकास से युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। यह कार्यक्रम ऐसे समय में आयोजित किया गया है जब राज्य में युवा बेरोजगारी एक गंभीर मुद्दा बन चुका है।
इस कार्यक्रम में राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के अधिकारी और युवा उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें अपने कौशल को विकसित करने के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार इस दिशा में हर संभव मदद करेगी।
योगी आदित्यनाथ के बयान का प्रभाव युवाओं पर पड़ा है, जो रोजगार की तलाश में हैं। उन्होंने कौशल विकास को रोजगार पाने का एक महत्वपूर्ण साधन बताया। इससे युवाओं में आत्मविश्वास और रोजगार के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित हो सकता है।
इस कार्यक्रम के साथ ही राज्य में कौशल विकास से संबंधित अन्य गतिविधियों की भी योजना बनाई गई है। सरकार ने विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों की घोषणा की है, जो युवाओं को नई तकनीकों और कौशलों से अवगत कराएंगे।
आगे की योजना में युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए विभिन्न उद्योगों के साथ साझेदारी की जाएगी। इसके तहत कौशल विकास केंद्रों की संख्या बढ़ाने और प्रशिक्षण कार्यक्रमों को और अधिक प्रभावी बनाने का प्रयास किया जाएगा।
इस कार्यक्रम का महत्व इस बात में है कि यह युवाओं को कौशल विकास के माध्यम से रोजगार के अवसर प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। योगी आदित्यनाथ का यह संबोधन युवाओं के लिए प्रेरणादायक हो सकता है और उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर सकता है।

