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हैदराबाद में बच्चों को 'कलमा होमवर्क' देने का विवाद

हैदराबाद में बच्चों को 'कलमा होमवर्क' देने का मामला सामने आया है। इस पर बीजेपी कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। हंगामे के बाद कई कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया।

16 जुलाई 20262 घंटे पहलेस्रोत: शुक्रवार डेस्क6 बार पढ़ा गया
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हैदराबाद में बच्चों को 'कलमा होमवर्क' देने के मामले ने हाल ही में तूल पकड़ लिया है। यह घटना शहर के एक स्कूल में हुई, जहां बच्चों को इस्लामी पाठ 'कलमा' का होमवर्क दिया गया था। इस पर स्थानीय बीजेपी कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया।

बीजेपी कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि इस प्रकार का होमवर्क बच्चों को धार्मिक रूप से प्रभावित करने का प्रयास है। उन्होंने स्कूल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और इसे शिक्षा के धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांतों के खिलाफ बताया। प्रदर्शन के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जिसके परिणामस्वरूप पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।

इस विवाद का एक महत्वपूर्ण संदर्भ है भारत में शिक्षा प्रणाली और धार्मिक शिक्षा का मुद्दा। कई बार स्कूलों में धार्मिक सामग्री को पढ़ाने को लेकर विवाद उठते रहे हैं। इस मामले ने फिर से इस विषय पर चर्चा को जन्म दिया है कि क्या स्कूलों को धार्मिक शिक्षा देने का अधिकार है या नहीं।

स्थानीय पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए कई बीजेपी कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम उठाना आवश्यक था। अधिकारियों ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया।

इस घटना का प्रभाव स्थानीय समुदाय पर पड़ा है। कई अभिभावकों ने इस होमवर्क को लेकर चिंता व्यक्त की है और इसे बच्चों की शिक्षा के लिए हानिकारक बताया है। वहीं, कुछ लोग इसे धार्मिक शिक्षा का एक हिस्सा मानते हैं और इसे स्वीकार करते हैं।

इस विवाद के बाद, स्कूल प्रशासन ने बयान जारी किया है कि वे इस मुद्दे पर विचार करेंगे और भविष्य में ऐसे मामलों में अधिक सावधानी बरतेंगे। इसके साथ ही, उन्होंने अभिभावकों से संवाद करने का आश्वासन दिया है।

आगे की कार्रवाई में, पुलिस ने गिरफ्तार किए गए कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इसके अलावा, स्कूल प्रशासन भी इस मामले की जांच करेगा कि होमवर्क देने की प्रक्रिया में क्या गलत हुआ। यह देखना होगा कि क्या इस विवाद के बाद कोई व्यापक बदलाव आएगा।

इस घटना ने हैदराबाद में शिक्षा और धार्मिकता के बीच की रेखाओं को फिर से स्पष्ट किया है। यह विवाद न केवल स्थानीय स्तर पर, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बन गया है। इससे यह संकेत मिलता है कि शिक्षा प्रणाली में धार्मिक मुद्दों को लेकर संवेदनशीलता की आवश्यकता है।

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