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बंगाल में मिड-डे मील की जिम्मेदारी इस्कॉन को सौपी

सीएम शुभेंदु अधिकारी ने इस्कॉन को मिड-डे मील की जिम्मेदारी सौंपी। यह निर्णय कोलकाता के बाद नदिया में लागू होगा। आगे पूरे बंगाल में इस योजना का विस्तार किया जाएगा।

16 जुलाई 20261 घंटे पहलेस्रोत: शुक्रवार डेस्क0 बार पढ़ा गया
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पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने घोषणा की है कि इस्कॉन (इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्णा कॉन्शियसनेस) को मिड-डे मील की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। यह निर्णय कोलकाता के बाद नदिया जिले में लागू होगा और इसके बाद पूरे बंगाल में इस योजना का विस्तार किया जाएगा। यह जानकारी हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी गई।

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस्कॉन की मदद से मिड-डे मील योजना को और अधिक प्रभावी और संगठित बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस्कॉन के पास इस क्षेत्र में अनुभव है और यह बच्चों के लिए पौष्टिक भोजन सुनिश्चित करेगा। इस योजना के तहत, स्कूलों में बच्चों को मिड-डे मील प्रदान किया जाएगा।

पश्चिम बंगाल में मिड-डे मील योजना का उद्देश्य स्कूल जाने वाले बच्चों को पौष्टिक भोजन प्रदान करना है। यह योजना 1995 में शुरू की गई थी और तब से यह राज्य के कई स्कूलों में लागू है। इस योजना के माध्यम से बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ उचित पोषण भी मिल सके, यही इसका मुख्य उद्देश्य है।

सीएम शुभेंदु अधिकारी ने इस्कॉन के साथ सहयोग को लेकर सकारात्मक दृष्टिकोण व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि इस्कॉन की टीम इस योजना को सफल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके साथ ही, उन्होंने इस योजना के कार्यान्वयन के लिए आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता पर भी जोर दिया।

इस निर्णय का सीधा प्रभाव बच्चों पर पड़ेगा, जो स्कूलों में मिड-डे मील का लाभ उठाते हैं। इससे बच्चों को पौष्टिक भोजन मिलने की संभावना बढ़ जाएगी, जो उनके स्वास्थ्य और विकास के लिए महत्वपूर्ण है। इसके अलावा, यह योजना शिक्षा के प्रति बच्चों की रुचि को भी बढ़ा सकती है।

इस्कॉन के साथ सहयोग के अलावा, राज्य सरकार अन्य विकासात्मक योजनाओं पर भी ध्यान केंद्रित कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में सुधार करना है। इसके लिए विभिन्न संगठनों के साथ मिलकर काम किया जाएगा।

आगे की योजना के तहत, इस्कॉन को नदिया के बाद अन्य जिलों में भी मिड-डे मील की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। इसके लिए आवश्यक तैयारियों और संसाधनों की योजना बनाई जा रही है। मुख्यमंत्री ने इस प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा करने का आश्वासन दिया है।

इस निर्णय का महत्व इस बात में है कि यह बच्चों के पोषण और शिक्षा को एक साथ जोड़ता है। इस्कॉन की भागीदारी से मिड-डे मील योजना को और अधिक प्रभावी बनाने की उम्मीद है। इससे न केवल बच्चों का स्वास्थ्य सुधरेगा, बल्कि शिक्षा के प्रति उनकी रुचि भी बढ़ेगी।

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