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सोनम वांगचुक की पत्नी ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

सोनम वांगचुक की पत्नी ने केंद्र सरकार और पुलिस पर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि उनके पति को इलाज की आजादी भी नहीं दी जा रही है। यह मामला लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता से जुड़ा है।

19 जुलाई 202615 घंटे पहलेस्रोत: शुक्रवार डेस्क4 बार पढ़ा गया
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लद्दाख के प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. आंग्मो ने रविवार को केंद्र सरकार और पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि उनके पति को कैद में रखा गया है और उन्हें इलाज की आजादी भी नहीं दी जा रही है। यह आरोप उस समय लगे हैं जब वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर चिंता बढ़ रही है।

गीतांजलि ने यह भी कहा कि उनके पति को बिना किसी उचित कारण के हिरासत में रखा गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार उनके पति के स्वास्थ्य को लेकर लापरवाह है। गीतांजलि ने यह भी बताया कि उन्हें अपने पति से मिलने की अनुमति नहीं दी जा रही है, जिससे उनकी चिंता और बढ़ गई है।

सोनम वांगचुक लद्दाख में एक प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता हैं, जो शिक्षा और पर्यावरण संरक्षण के लिए जाने जाते हैं। वे कई बार सरकार की नीतियों के खिलाफ आवाज उठाते रहे हैं। उनके कार्यों ने लद्दाख के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, लेकिन अब उनकी स्थिति को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

गीतांजलि ने सरकार से अपील की है कि उनके पति को तुरंत रिहा किया जाए और उन्हें उचित चिकित्सा सुविधा प्रदान की जाए। उन्होंने कहा कि इस मामले में सरकार की चुप्पी चिंताजनक है। यह स्थिति न केवल उनके परिवार के लिए, बल्कि लद्दाख के लोगों के लिए भी महत्वपूर्ण है।

इस मामले का प्रभाव स्थानीय लोगों पर भी पड़ रहा है। वांगचुक के समर्थक और स्थानीय निवासी उनकी रिहाई की मांग कर रहे हैं। लोगों में यह चिंता बढ़ रही है कि सरकार उनके अधिकारों का उल्लंघन कर रही है और इस प्रकार की कार्रवाई से सामाजिक कार्यकर्ताओं के प्रति डर का माहौल बन रहा है।

इस बीच, वांगचुक के मामले में कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। हालांकि, उनके समर्थक सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को उठाते हुए सरकार से जवाब मांग रहे हैं। यह मामला धीरे-धीरे राष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बनता जा रहा है।

आगे की कार्रवाई में, यदि सरकार इस मामले पर ध्यान नहीं देती है, तो यह आंदोलन का रूप ले सकता है। स्थानीय संगठनों ने वांगचुक के समर्थन में प्रदर्शन करने की योजना बनाई है। इसके अलावा, उनकी पत्नी ने भी इस मुद्दे को लेकर कानूनी कदम उठाने की बात की है।

इस मामले की गंभीरता को देखते हुए, यह स्पष्ट है कि सोनम वांगचुक की स्थिति केवल व्यक्तिगत नहीं है, बल्कि यह लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ताओं के अधिकारों से भी जुड़ी है। सरकार को इस मामले पर तुरंत ध्यान देना चाहिए ताकि किसी भी प्रकार की सामाजिक अशांति से बचा जा सके।

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