मंगलवार, 21 जुलाई 2026भाषा: हिंदी
शुक्रवार डिजिटल
bharat

जम्मू में भूस्खलन से तीन की मौत, चार घायल

डोडा-जम्मू हाईवे पर भूस्खलन से तीन लोगों की जान चली गई। हादसे में चार अन्य लोग घायल हुए हैं। यह घटना सोमवार सुबह हुई।

20 जुलाई 202611 घंटे पहलेस्रोत: शुक्रवार डेस्क4 बार पढ़ा गया
WXfT

सोमवार सुबह, डोडा-जम्मू नेशनल हाईवे-244 पर रागी नाले के पास भूस्खलन हुआ। इस घटना में पहाड़ से मलबा गिरने के कारण एक बस और दो टैक्सियां चपेट में आ गईं। इस हादसे के परिणामस्वरूप तीन लोगों की मौत हो गई और चार अन्य लोग घायल हुए हैं।

हादसे के बाद, स्थानीय प्रशासन ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया। घायल लोगों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मलबा गिरने से कई घरों को भी नुकसान पहुंचा है, जिससे स्थानीय निवासियों में चिंता का माहौल है। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा उपायों को बढ़ाने का निर्णय लिया है।

यह घटना जम्मू क्षेत्र में भूस्खलन की बढ़ती घटनाओं के संदर्भ में हुई है। पिछले कुछ वर्षों में, बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की घटनाएं बढ़ी हैं, जिससे कई सड़कें बाधित हुई हैं। यह घटना उन स्थानों पर हुई है जहां भूस्खलन का खतरा हमेशा बना रहता है।

स्थानीय प्रशासन ने इस घटना पर शोक व्यक्त किया है और मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की है। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि घायल लोगों को उचित चिकित्सा सहायता प्रदान की जाएगी। प्रशासन ने इस प्रकार की घटनाओं से बचने के लिए आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया है।

इस भूस्खलन ने स्थानीय लोगों पर गहरा प्रभाव डाला है। कई परिवारों ने अपने प्रियजनों को खो दिया है, जिससे उनके जीवन में एक बड़ा शून्य उत्पन्न हुआ है। इसके अलावा, मलबा गिरने से कई घरों को नुकसान पहुंचा है, जिससे लोग सुरक्षित स्थानों की तलाश कर रहे हैं।

इस घटना के बाद, स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा उपायों को बढ़ाने के लिए एक बैठक बुलाई है। भूस्खलन संभावित क्षेत्रों की पहचान करने और सुरक्षा उपायों को लागू करने के लिए विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है। इसके अलावा, मौसम विभाग से भी सलाह ली जा रही है ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं से बचा जा सके।

आगे की कार्रवाई में, प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य को प्राथमिकता दी है। वे यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहे हैं कि सभी घायल लोगों को समय पर चिकित्सा सहायता मिले। इसके साथ ही, भूस्खलन से प्रभावित परिवारों को भी सहायता प्रदान की जाएगी।

इस घटना ने भूस्खलन के खतरे को एक बार फिर उजागर किया है। यह स्थानीय प्रशासन के लिए एक चेतावनी है कि उन्हें सुरक्षा उपायों को और अधिक सख्त करने की आवश्यकता है। इस प्रकार की घटनाओं से बचने के लिए जागरूकता और तैयारी आवश्यक है।

टैग:
जम्मूभूस्खलनडोडाहादसा
WXfT

bharat की और ख़बरें

और पढ़ें →