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असम में बाढ़ से 9 लाख लोग प्रभावित

असम में बाढ़ ने 25 जिलों को प्रभावित किया है। 1800 से अधिक गांवों में लोग बाढ़ के कारण कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। गृहमंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से स्थिति की जानकारी ली।

23 जुलाई 20261 घंटे पहलेस्रोत: शुक्रवार डेस्क0 बार पढ़ा गया
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असम में बाढ़ ने हाल ही में गंभीर स्थिति उत्पन्न कर दी है, जिसमें 25 जिलों और 1800 से अधिक गांवों के लगभग नौ लाख लोग प्रभावित हुए हैं। यह बाढ़ असम के विभिन्न क्षेत्रों में आई है, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों की आवश्यकता बढ़ गई है।

बाढ़ के कारण कई गांवों में पानी भर गया है, जिससे स्थानीय निवासियों को अपने घरों से evacuate होना पड़ा है। स्थानीय प्रशासन ने प्रभावित लोगों के लिए राहत शिविर स्थापित किए हैं। इसके अलावा, बाढ़ के पानी ने कृषि और पशुपालन को भी गंभीर रूप से प्रभावित किया है।

असम में बाढ़ की समस्या कोई नई नहीं है, लेकिन इस बार की बाढ़ ने अधिक व्यापक रूप से तबाही मचाई है। पिछले कुछ वर्षों में असम में बाढ़ की घटनाएं बढ़ी हैं, जो जलवायु परिवर्तन और अन्य कारकों से जुड़ी हैं। इससे पहले भी असम में बाढ़ के कारण भारी नुकसान हुआ है।

गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से बाढ़ की स्थिति के बारे में बातचीत की है। उन्होंने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए केंद्र सरकार की ओर से हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है। यह बातचीत राहत कार्यों को तेज करने के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

बाढ़ से प्रभावित लोगों की स्थिति बहुत कठिन है। कई लोग अपने घरों से बेघर हो गए हैं और उन्हें खाने-पीने की सामग्री की आवश्यकता है। राहत शिविरों में रहने वाले लोगों के लिए बुनियादी सुविधाओं की कमी भी देखी जा रही है।

इस बीच, असम सरकार ने बाढ़ की स्थिति का आकलन करने के लिए एक अंतर-मंत्रालयी टीम को असम भेजने की योजना बनाई है। यह टीम बाढ़ के कारण हुए नुकसान का मूल्यांकन करेगी और राहत कार्यों के लिए आवश्यक कदम उठाएगी।

आगे की योजनाओं में प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री पहुँचाना और पुनर्वास कार्य शुरू करना शामिल है। सरकार ने प्रभावित लोगों की मदद के लिए विभिन्न उपायों पर विचार किया है। राहत कार्यों को तेजी से पूरा करने के लिए सभी आवश्यक संसाधनों को जुटाने का प्रयास किया जा रहा है।

इस बाढ़ की स्थिति असम के लिए एक गंभीर चुनौती है। इससे न केवल जनजीवन प्रभावित हुआ है, बल्कि आर्थिक गतिविधियों पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। सरकार और स्थानीय प्रशासन की तत्परता इस संकट से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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असमबाढ़राहत कार्यगृह मंत्री
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