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जंतर मंतर पर छात्र आंदोलन और विश्वविद्यालयों की एडवाइजरी

दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी है। JNU और DU ने इस पर एक एडवाइजरी जारी की है। कांग्रेस ने इस एडवाइजरी पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।

24 जुलाई 202646 मिनट पहलेस्रोत: शुक्रवार डेस्क0 बार पढ़ा गया
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दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के बैनर तले छात्रों का विरोध प्रदर्शन चल रहा है। यह प्रदर्शन हाल ही में शुरू हुआ है और इसमें कई छात्र संगठन शामिल हैं। प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य छात्रों की समस्याओं को उजागर करना और उनके अधिकारों की रक्षा करना है।

प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने विभिन्न मुद्दों को उठाया, जिनमें शिक्षा की गुणवत्ता, फीस वृद्धि और छात्रावास की सुविधाएं शामिल हैं। जंतर-मंतर पर छात्रों की भीड़ जुटी हुई है और वे अपने अधिकारों के लिए आवाज उठा रहे हैं। इस प्रदर्शन में छात्रों ने नारेबाजी की और अपने मुद्दों को लेकर जागरूकता फैलाने का प्रयास किया।

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) और दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) ने इस आंदोलन के बीच एक एडवाइजरी जारी की है। इस एडवाइजरी में छात्रों को प्रदर्शन के दौरान नियमों का पालन करने और शांति बनाए रखने की सलाह दी गई है। यह कदम विश्वविद्यालयों द्वारा छात्रों की सुरक्षा और शांति को बनाए रखने के लिए उठाया गया है।

कांग्रेस पार्टी ने JNU और DU की इस एडवाइजरी पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। पार्टी का कहना है कि यह छात्रों के अधिकारों का उल्लंघन है और इसे तुरंत वापस लिया जाना चाहिए। कांग्रेस ने छात्रों के आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा है कि सरकार को उनकी समस्याओं का समाधान करना चाहिए।

इस विरोध प्रदर्शन का प्रभाव छात्रों के बीच स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है। कई छात्र इस आंदोलन में सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं और अपनी आवाज उठाने के लिए एकजुट हो रहे हैं। इससे छात्रों में एकजुटता और जागरूकता बढ़ रही है, जो उनके भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है।

इस बीच, अन्य छात्र संगठनों ने भी इस आंदोलन का समर्थन किया है और विभिन्न कार्यक्रमों की योजना बनाई है। यह आंदोलन केवल JNU और DU तक सीमित नहीं है, बल्कि अन्य विश्वविद्यालयों में भी छात्रों के बीच चर्चा का विषय बन गया है।

आगे की कार्रवाई के रूप में, छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन के साथ बातचीत करने का निर्णय लिया है। वे चाहते हैं कि उनकी समस्याओं का समाधान किया जाए और उन्हें उचित मंच प्रदान किया जाए। इस बातचीत का परिणाम आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।

इस आंदोलन का महत्व इस बात में है कि यह छात्रों के अधिकारों और उनकी समस्याओं को उजागर कर रहा है। यह न केवल JNU और DU के छात्रों के लिए, बल्कि पूरे देश के छात्रों के लिए एक उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है। छात्रों की एकजुटता और उनकी आवाज़ का उठना शिक्षा प्रणाली में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।

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