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गुजरात और असम में बारिश का कहर, मानसून में सुधार

दक्षिण-पश्चिम मानसून ने देशभर में बारिश की रफ्तार बढ़ाई है। 16 से 22 जुलाई के बीच सामान्य बारिश दर्ज की गई। बारिश की कमी 17 प्रतिशत तक घट गई है।

25 जुलाई 20261 घंटे पहलेस्रोत: शुक्रवार डेस्क0 बार पढ़ा गया
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देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून अब धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ रहा है। भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक, 16 से 22 जुलाई के बीच देशभर में लगभग सामान्य बारिश दर्ज की गई है। इस बारिश ने कई राज्यों में राहत पहुंचाई है, खासकर गुजरात और असम में जहां बारिश का कहर देखने को मिला है।

इस अवधि में हुई बारिश ने 1 जून से अब तक चली आ रही बारिश की कमी को कम कर दिया है। अब तक की बारिश की कमी 17 प्रतिशत रह गई है, जो कि पहले की तुलना में काफी कम है। इस बारिश ने न केवल फसलों के लिए लाभकारी साबित हुआ है, बल्कि जल स्तर में भी सुधार किया है।

भारतीय मौसम विभाग ने बताया कि मानसून की यह गतिविधि देश के विभिन्न हिस्सों में मौसम को प्रभावित कर रही है। खासकर गुजरात और असम में भारी बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। इससे पहले, बारिश की कमी के कारण कई क्षेत्रों में सूखा जैसी स्थिति बन गई थी।

हालांकि, मौसम विभाग ने इस बारिश को लेकर कोई विशेष आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। लेकिन, सामान्य बारिश के चलते लोगों में राहत की भावना है। विभाग ने आगे भी बारिश की संभावना जताई है, जिससे किसानों में उम्मीद जगी है।

बारिश के कारण लोगों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। किसान अपनी फसलों के लिए राहत महसूस कर रहे हैं, जबकि जल संकट से जूझ रहे क्षेत्रों में जल स्तर में सुधार हो रहा है। इससे ग्रामीण इलाकों में जीवन की गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद है।

इस बीच, मौसम विभाग ने आगामी दिनों में भी बारिश की संभावना जताई है। इससे संबंधित अन्य राज्यों में भी बारिश का असर देखने को मिल सकता है। यह स्थिति किसानों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है।

आगे की स्थिति में, यदि बारिश का यह सिलसिला जारी रहता है, तो इससे कृषि उत्पादन में वृद्धि हो सकती है। इसके साथ ही, जल संकट से जूझ रहे क्षेत्रों में जल स्तर में सुधार होने की संभावना है।

इस प्रकार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की यह गतिविधि न केवल किसानों के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए महत्वपूर्ण है। बारिश की कमी में कमी आने से जल संकट और कृषि उत्पादन में सुधार की उम्मीद है, जो कि देश की आर्थिक स्थिति को भी प्रभावित कर सकता है।

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