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सीआईएसएफ की पहली महिला क्विक रिएक्शन टीम का बैच पास

सीआईएसएफ ने अपना पहला महिला क्विक रिएक्शन टीम बैच पास किया है। यह बैच बेंगलुरु प्रशिक्षण केंद्र में प्रशिक्षित हुआ। महिलाएं सामरिक अभियान और करीबी लड़ाई में पारंगत हुई हैं।

29 जुलाई 20261 घंटे पहलेस्रोत: शुक्रवार डेस्क0 बार पढ़ा गया
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सीआईएसएफ ने हाल ही में बेंगलुरु में अपना पहला महिला क्विक रिएक्शन टीम (क्यूआरटी) बैच पास किया है। यह ऐतिहासिक घटना 2023 में हुई, जिसमें महिलाओं ने सामरिक अभियानों और आमने-सामने की करीबी लड़ाई में प्रशिक्षण प्राप्त किया। इस बैच में शामिल महिलाओं ने कठिन प्रशिक्षण के बाद अपनी योग्यता साबित की है।

महिला क्यूआरटी बैच का प्रशिक्षण बेंगलुरु स्थित सीआईएसएफ प्रशिक्षण केंद्र में आयोजित किया गया था। इस बैच में विभिन्न राज्यों से आई महिलाओं ने भाग लिया और उन्हें विशेष रूप से सामरिक अभियानों के लिए तैयार किया गया। प्रशिक्षण के दौरान, उन्हें विभिन्न प्रकार की लड़ाई तकनीकों और सामरिक कौशल में दक्षता हासिल करने के लिए प्रशिक्षित किया गया।

सीआईएसएफ की यह पहल महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा देने और सुरक्षा बलों में लैंगिक समानता को सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है। यह कदम महिलाओं को सुरक्षा और रक्षा के क्षेत्र में अधिक सक्रिय भूमिका निभाने का अवसर प्रदान करता है। इस प्रकार, यह न केवल महिलाओं के लिए बल्कि पूरे समाज के लिए एक सकारात्मक बदलाव का संकेत है।

सीआईएसएफ के अधिकारियों ने इस बैच के सफल समापन पर प्रसन्नता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि यह कदम सुरक्षा बलों में महिलाओं की भूमिका को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि महिलाओं की भागीदारी से बल की क्षमता और प्रभावशीलता में वृद्धि होगी।

इस बैच के पास होने से स्थानीय समुदाय में सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिली है। लोग महिलाओं की इस उपलब्धि को गर्व के साथ देख रहे हैं और इसे प्रेरणादायक मानते हैं। इससे महिलाओं के प्रति समाज में एक नई सोच विकसित हो रही है, जो उन्हें विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर रही है।

इस बीच, सीआईएसएफ ने भविष्य में और अधिक महिला क्यूआरटी बैचों की योजना बनाने की घोषणा की है। यह कदम महिलाओं को सुरक्षा बलों में शामिल करने और उनकी क्षमताओं को विकसित करने के लिए एक निरंतर प्रयास का हिस्सा है। इसके तहत, और अधिक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

आगे बढ़ते हुए, सीआईएसएफ का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक महिलाएं सुरक्षा बलों में शामिल हों और उन्हें विभिन्न प्रकार के सामरिक अभियानों में प्रशिक्षित किया जाए। यह न केवल बल की विविधता को बढ़ाएगा, बल्कि महिलाओं को भी सशक्त बनाएगा।

इस प्रकार, सीआईएसएफ का पहला महिला क्यूआरटी बैच न केवल एक ऐतिहासिक घटना है, बल्कि यह महिलाओं के लिए नए अवसरों का द्वार खोलने का भी कार्य करेगा। यह कदम सुरक्षा बलों में लैंगिक समानता को बढ़ावा देने और महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

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