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जयशंकर ने यूक्रेन पर भारतीय नाविकों के हमले की निंदा की

भारत ने यूक्रेन से स्पष्ट रूप से कहा है कि भारतीय नाविकों और जहाजों पर हमले को स्वीकार नहीं किया जाएगा। यह बयान ब्लैक सी में हालिया हमले के संदर्भ में आया है। भारत की यह स्थिति अंतरराष्ट्रीय जल में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है।

30 जुलाई 20261 घंटे पहलेस्रोत: शुक्रवार डेस्क4 बार पढ़ा गया
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भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने हाल ही में यूक्रेन को स्पष्ट रूप से चेतावनी दी है कि भारतीय नाविकों और जहाजों पर हमला बिल्कुल स्वीकार नहीं किया जाएगा। यह बयान ब्लैक सी में हुए एक हमले के संदर्भ में दिया गया है। इस हमले ने भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

जयशंकर ने कहा कि भारत अपने नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देता है और किसी भी प्रकार के हमले को बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रकार की घटनाएँ अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करती हैं। भारतीय सरकार ने इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करने का आश्वासन दिया है।

भारत और यूक्रेन के बीच संबंधों का एक लंबा इतिहास है, लेकिन हाल के घटनाक्रमों ने स्थिति को और जटिल बना दिया है। ब्लैक सी में हुए हमले ने न केवल भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को प्रभावित किया है, बल्कि यह क्षेत्रीय स्थिरता के लिए भी खतरा बन गया है। ऐसे में भारत की प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण हो जाती है।

इस घटना पर आधिकारिक प्रतिक्रिया देते हुए, जयशंकर ने कहा कि भारत अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर है और इस मुद्दे पर यूक्रेन से संवाद जारी रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि भारत अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानूनों का पालन करने के लिए प्रतिबद्ध है।

इस हमले का प्रभाव भारतीय नाविकों और व्यापारियों पर पड़ा है, जो ब्लैक सी के माध्यम से व्यापार करते हैं। भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताओं ने व्यापारिक गतिविधियों में अस्थिरता पैदा की है। इससे भारतीय व्यापारियों के मन में भय का माहौल बना हुआ है।

इस घटना के बाद, भारत ने अपने नागरिकों को सलाह दी है कि वे इस क्षेत्र में यात्रा करने से बचें। इसके अलावा, भारतीय नौसेना ने भी सतर्कता बढ़ा दी है ताकि किसी भी प्रकार की अनहोनी से बचा जा सके। यह कदम सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है।

आगे की कार्रवाई के तहत, भारत ने यूक्रेन के साथ बातचीत जारी रखने का निर्णय लिया है। यह बातचीत भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और स्थिति को लेकर होगी। भारत इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी उठाने की योजना बना रहा है।

कुल मिलाकर, जयशंकर का यह बयान भारत की सुरक्षा नीति को स्पष्ट करता है। भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के साथ, भारत ने यह संदेश दिया है कि वह किसी भी प्रकार के हमले को बर्दाश्त नहीं करेगा। यह स्थिति न केवल भारत के लिए, बल्कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा के लिए भी महत्वपूर्ण है।

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