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एनटीए ने नौ साल में नहीं बनाए परीक्षा केंद्र

राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) ने पिछले नौ वर्षों में एक भी परीक्षा केंद्र नहीं बनाया है। यह स्थिति तब है जब 500 परीक्षा केंद्रों का निर्माण अभी भी लंबित है। कैबिनेट के महत्वपूर्ण निर्णय भी अधूरे हैं।

3 अगस्त 20261 घंटे पहलेस्रोत: शुक्रवार डेस्क0 बार पढ़ा गया
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राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) ने पिछले नौ वर्षों में एक भी परीक्षा केंद्र नहीं बनाया है। यह जानकारी हाल ही में सामने आई है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि एनटीए की परीक्षा केंद्रों की व्यवस्था पूरी तरह से किराए पर निर्भर है। यह स्थिति तब है जब देश में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं का आयोजन लगातार हो रहा है।

एनटीए की स्थापना 2017 में की गई थी, जिसका उद्देश्य परीक्षा संचालन को सुगम और पारदर्शी बनाना था। हालांकि, अब तक 500 परीक्षा केंद्रों का निर्माण नहीं होना इस एजेंसी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाता है। एनटीए की इस स्थिति से छात्रों को परीक्षा के दौरान अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

परीक्षा केंद्रों की कमी के कारण छात्रों को दूर-दूर तक यात्रा करनी पड़ती है, जिससे उनकी तैयारी और मानसिक स्थिति पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। एनटीए की स्थापना का मुख्य उद्देश्य छात्रों के लिए सुविधाजनक परीक्षा केंद्र उपलब्ध कराना था, लेकिन यह लक्ष्य अब तक अधूरा है।

इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या बयान नहीं आया है। हालांकि, शिक्षा मंत्रालय और एनटीए के अधिकारियों को इस स्थिति की गंभीरता को समझना होगा। यदि परीक्षा केंद्रों का निर्माण नहीं होता है, तो छात्रों को और भी अधिक समस्याओं का सामना करना पड़ेगा।

छात्रों और अभिभावकों के बीच इस मुद्दे को लेकर चिंता बढ़ रही है। परीक्षा केंद्रों की कमी के कारण छात्रों की परीक्षा में प्रदर्शन प्रभावित हो सकता है। इससे छात्रों की भविष्य की संभावनाओं पर भी असर पड़ सकता है।

इस बीच, एनटीए के अधिकारियों ने कहा है कि वे परीक्षा केंद्रों के निर्माण की प्रक्रिया को तेज करने की योजना बना रहे हैं। हालांकि, इस पर कोई ठोस समय सीमा नहीं दी गई है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या एनटीए अपने वादों को पूरा कर पाएगा।

आगे की कार्रवाई में एनटीए को अपने कार्यों को प्राथमिकता देने की आवश्यकता है। यदि परीक्षा केंद्रों का निर्माण जल्द नहीं किया गया, तो छात्रों की समस्याएं बढ़ती जाएंगी। शिक्षा क्षेत्र में सुधार के लिए यह आवश्यक है कि एनटीए अपने लक्ष्यों को समय पर पूरा करे।

इस स्थिति का सार यह है कि एनटीए का परीक्षा केंद्रों का निर्माण न होना छात्रों के लिए एक बड़ी चिंता का विषय है। यह न केवल परीक्षा के संचालन को प्रभावित कर रहा है, बल्कि छात्रों के भविष्य पर भी नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। एनटीए को इस दिशा में त्वरित कदम उठाने की आवश्यकता है।

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