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जेन जी में 'फोमो' का बढ़ता डर

जेन जी के युवा 'फोमो' यानी 'फियर ऑफ मिसिंग आउट' का सामना कर रहे हैं। यह भावना उन्हें दूसरों की सफलताओं और खुशियों के बीच असुरक्षित महसूस कराती है। इस स्थिति का प्रभाव उनके मानसिक स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है।

8 अगस्त 20261 घंटे पहलेस्रोत: शुक्रवार डेस्क2 बार पढ़ा गया
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हाल ही में, जेनरेशन जेड यानी जेन जी के युवाओं में 'फोमो' या 'फियर ऑफ मिसिंग आउट' की भावना तेजी से बढ़ रही है। यह स्थिति तब उत्पन्न होती है जब युवा अपने दोस्तों और परिचितों की सफलताओं और खुशियों को देखते हैं। यह घटना विशेष रूप से तब अधिक महसूस होती है जब वे सोशल मीडिया पर दूसरों के जीवन की झलक देखते हैं।

जेन जी के युवा अक्सर सोचते हैं कि उनके दोस्त कहीं घूम रहे हैं, पार्टी कर रहे हैं, या किसी नई नौकरी में सफल हो रहे हैं। इस तुलना के कारण उन्हें लगता है कि उनकी जिंदगी दूसरों की तुलना में कम सफल है। यह भावना उन्हें मानसिक रूप से प्रभावित करती है और वे असुरक्षित महसूस करने लगते हैं।

इस 'फोमो' की भावना का एक बड़ा कारण सोशल मीडिया है, जहां लोग अपनी खुशियों और सफलताओं को साझा करते हैं। जेन जी के युवा इस प्लेटफॉर्म पर सक्रिय रहते हैं और दूसरों की जीवनशैली को देखकर खुद को कमतर समझने लगते हैं। यह स्थिति उन्हें तनाव और चिंता का सामना करने के लिए मजबूर करती है।

हालांकि, इस विषय पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि यह भावना युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है। वे सलाह देते हैं कि युवाओं को अपनी उपलब्धियों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए और दूसरों की तुलना से बचना चाहिए।

इस 'फोमो' के प्रभाव से युवा मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं का सामना कर सकते हैं, जैसे कि अवसाद और चिंता। यह स्थिति उनके आत्म-सम्मान को भी प्रभावित कर सकती है। इसलिए, यह आवश्यक है कि वे इस भावना को समझें और इससे निपटने के तरीके खोजें।

हाल के दिनों में, कुछ संगठनों ने इस मुद्दे पर जागरूकता बढ़ाने के लिए कार्यक्रम आयोजित किए हैं। वे युवाओं को मानसिक स्वास्थ्य के महत्व के बारे में शिक्षित कर रहे हैं और उन्हें सकारात्मक सोच अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।

आगे क्या होगा, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि युवा इस 'फोमो' से कैसे निपटते हैं। यदि वे अपनी सोच में बदलाव लाते हैं और अपनी उपलब्धियों को महत्व देते हैं, तो यह स्थिति बेहतर हो सकती है। इसके लिए उन्हें मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहना होगा।

संक्षेप में, जेन जी के युवाओं में 'फोमो' की भावना एक गंभीर मुद्दा है। यह उनके मानसिक स्वास्थ्य और आत्म-सम्मान को प्रभावित कर सकता है। इसलिए, इस पर ध्यान देना और उचित कदम उठाना आवश्यक है।

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