आसियान दिवस के अवसर पर 8 अगस्त 2023 को कुतुब मीनार पर एक ऐतिहासिक नजारा देखा गया। इस अवसर पर कुतुब मीनार को विशेष रूप से रोशन किया गया। यह आयोजन भारत और आसियान देशों के बीच संबंधों को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने इस अवसर पर कहा कि भारत की 'एक्ट ईस्ट' नीति के तहत आसियान देशों के साथ साझेदारी गहरी हो रही है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह आयोजन दोनों पक्षों के बीच सहयोग को और मजबूत करेगा। कुतुब मीनार के प्रकाशन ने इस दिन को और भी खास बना दिया।
आसियान दिवस हर साल 8 अगस्त को मनाया जाता है, जो आसियान के गठन की वर्षगांठ का प्रतीक है। यह दिन दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के बीच सहयोग और एकता को बढ़ावा देने के लिए मनाया जाता है। भारत भी आसियान का एक महत्वपूर्ण साझेदार है और इस क्षेत्र में अपने संबंधों को मजबूत करने के लिए प्रयासरत है।
विदेश मंत्री जयशंकर ने इस अवसर पर आसियान देशों के साथ भारत के संबंधों को और मजबूत करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन दोनों पक्षों के बीच सांस्कृतिक और आर्थिक संबंधों को बढ़ाने में सहायक होगा।
इस आयोजन का लोगों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। कुतुब मीनार के प्रकाशन ने स्थानीय और विदेशी पर्यटकों को आकर्षित किया है। इससे न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि सांस्कृतिक आदान-प्रदान भी होगा।
आसियान दिवस के इस आयोजन के बाद, भारत और आसियान देशों के बीच और भी कई कार्यक्रम आयोजित किए जाने की संभावना है। इससे दोनों पक्षों के बीच सहयोग को और बढ़ावा मिलेगा।
आगे की दिशा में, भारत और आसियान देशों के बीच व्यापार, निवेश और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने के लिए कई योजनाएं बनाई जा रही हैं। यह दोनों पक्षों के लिए लाभकारी साबित हो सकता है।
इस आयोजन का महत्व इस बात में है कि यह भारत और आसियान देशों के बीच संबंधों को और मजबूत करने का एक अवसर प्रदान करता है। कुतुब मीनार का प्रकाशन इस साझेदारी की गहराई को दर्शाता है और भविष्य में सहयोग के नए रास्ते खोलता है।
