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पूर्व राष्ट्रपति कोविंद की आत्मकथा विमोचन पर भावुक हुए पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की आत्मकथा के विमोचन पर भावुकता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि वह आज भी अपनी मां की कमी महसूस करते हैं। यह कार्यक्रम नई दिल्ली में आयोजित किया गया।

12 अगस्त 20261 घंटे पहलेस्रोत: शुक्रवार डेस्क2 बार पढ़ा गया
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 अक्टूबर 2023 को नई दिल्ली में पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की आत्मकथा के विमोचन समारोह में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने अपनी भावनाओं को साझा करते हुए कहा कि वह आज भी अपनी मां की कमी महसूस करते हैं। यह कार्यक्रम भारतीय संस्कृति और परिवार के महत्व को उजागर करने वाला था।

इस समारोह में प्रधानमंत्री मोदी ने कोविंद की आत्मकथा को एक महत्वपूर्ण दस्तावेज बताया। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक न केवल कोविंद के जीवन की कहानी है, बल्कि यह भारतीय राजनीति और समाज के विकास का भी एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। मोदी ने कोविंद के योगदान की सराहना की और उनकी उपलब्धियों को याद किया।

पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का जीवन और करियर भारतीय राजनीति में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। उन्होंने 2017 से 2022 तक भारत के राष्ट्रपति के रूप में कार्य किया। उनके कार्यकाल के दौरान कई महत्वपूर्ण निर्णय और नीतियाँ लागू की गईं, जो देश के विकास में सहायक रहीं।

इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी के भावुक बयान ने सभी उपस्थित लोगों को प्रभावित किया। उन्होंने अपनी मां के प्रति अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हुए कहा कि मातृत्व का स्थान जीवन में कभी नहीं भरा जा सकता। यह बयान उनकी मानवीय पक्ष को दर्शाता है और दर्शकों के साथ एक गहरा संबंध स्थापित करता है।

इस कार्यक्रम का प्रभाव लोगों पर गहरा पड़ा है। कई उपस्थित लोगों ने मोदी के शब्दों को सुनकर अपनी भावनाओं को साझा किया और मातृत्व के महत्व को समझा। यह भावुक क्षण लोगों के दिलों में गहराई से बस गया।

इस कार्यक्रम के बाद, कोविंद की आत्मकथा की बिक्री में वृद्धि की उम्मीद है। पाठकों के बीच इस पुस्तक के प्रति रुचि बढ़ी है, जो उनके जीवन और कार्यों के बारे में अधिक जानने की इच्छा को दर्शाती है। यह आत्मकथा भारतीय राजनीति के इतिहास में एक महत्वपूर्ण दस्तावेज के रूप में स्थापित हो सकती है।

आगे की कार्रवाई में, यह देखना होगा कि कोविंद की आत्मकथा को लेकर पाठकों और आलोचकों की प्रतिक्रिया कैसी रहती है। इसके साथ ही, मोदी के भावुक बयान का राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव भी महत्वपूर्ण होगा। यह कार्यक्रम आने वाले समय में अन्य राजनीतिक और सामाजिक आयोजनों के लिए एक प्रेरणा स्रोत बन सकता है।

कुल मिलाकर, पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की आत्मकथा का विमोचन एक महत्वपूर्ण घटना है। प्रधानमंत्री मोदी के भावुक शब्दों ने इस कार्यक्रम को विशेष बना दिया। यह घटना भारतीय संस्कृति और परिवार के महत्व को फिर से उजागर करती है।

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