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चमोली में निर्माणाधीन टनल में भूस्खलन, कई मजदूर फंसे

चमोली जनपद में निर्माणाधीन टनल में भूस्खलन हुआ। इस हादसे में कई मजदूर फंसे हुए हैं। अब तक 13 मजदूरों को सुरक्षित निकाला गया है।

13 अगस्त 202645 मिनट पहलेस्रोत: शुक्रवार डेस्क0 बार पढ़ा गया
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चमोली जनपद के पीपलकोटी में विष्णुगाड–पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की निर्माणाधीन टनल में एक बड़ा भूस्खलन हुआ। यह घटना हाल ही में हुई, जिसमें कई मजदूर टनल के अंदर फंस गए। भूस्खलन के कारण टनल में मलबा भर गया, जिससे बचाव कार्य में कठिनाई आई।

भूस्खलन की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और बचाव दल मौके पर पहुंचे। बचाव कार्य तेजी से चलाया गया, जिसमें मशीनों का भी उपयोग किया गया। इस दौरान, 13 मजदूरों को सुरक्षित निकाला गया, जबकि अन्य मजदूरों की तलाश जारी है। घटना की गंभीरता को देखते हुए बचाव कार्य में सभी आवश्यक संसाधनों का प्रयोग किया जा रहा है।

इस घटना के पीछे की वजहों का अभी तक स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। हालांकि, चमोली क्षेत्र में भूस्खलन की घटनाएं आम हैं, जो पहाड़ी क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति के कारण होती हैं। इससे पहले भी इस क्षेत्र में कई बार भूस्खलन की घटनाएं हो चुकी हैं, जो निर्माण कार्यों को प्रभावित करती हैं।

स्थानीय प्रशासन ने घटना के बाद स्थिति की गंभीरता को समझते हुए बचाव कार्य को प्राथमिकता दी है। प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को अलर्ट किया है और आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा, मजदूरों के परिवारों को भी जानकारी दी जा रही है।

इस भूस्खलन ने स्थानीय लोगों और मजदूरों में चिंता का माहौल पैदा कर दिया है। कई लोग इस घटना को लेकर चिंतित हैं कि क्या सभी मजदूर सुरक्षित होंगे। स्थानीय समुदाय ने प्रशासन से उचित कार्रवाई की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।

भूस्खलन के बाद, प्रशासन ने क्षेत्र में सुरक्षा उपायों को और मजबूत करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही, निर्माण कार्यों की समीक्षा की जाएगी ताकि सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया जा सके। इस घटना के बाद, मजदूरों की सुरक्षा को लेकर नई दिशा-निर्देश भी जारी किए जा सकते हैं।

अगले चरण में, बचाव कार्य जारी रहेगा और फंसे हुए मजदूरों की तलाश की जाएगी। इसके साथ ही, घटना की जांच भी की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके। प्रशासन ने इस मामले में सभी आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया है।

इस घटना ने चमोली में निर्माण कार्यों की सुरक्षा पर सवाल उठाए हैं। भूस्खलन की घटनाएं न केवल मजदूरों के लिए खतरा बनती हैं, बल्कि स्थानीय समुदाय की सुरक्षा को भी प्रभावित करती हैं। इस प्रकार की घटनाओं से निपटने के लिए ठोस उपायों की आवश्यकता है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।

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