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चमोली टनल में भूस्खलन, नौ की मौत

चमोली में निर्माणाधीन टनल में भूस्खलन हुआ। इस घटना में नौ लोगों की मौत हो गई और छह लोगों की तलाश जारी है। मुख्यमंत्री आज घटनास्थल का दौरा करेंगे।

13 अगस्त 202658 मिनट पहलेस्रोत: शुक्रवार डेस्क0 बार पढ़ा गया
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चमोली जिले में निर्माणाधीन टनल में भूस्खलन की घटना के दौरान नौ लोगों की मौत हो गई है। यह घटना उस समय हुई जब श्रमिक टनल के भीतर काम कर रहे थे। भूस्खलन के बाद बचाव कार्य शुरू किया गया है, जिसमें कई लोग लापता हैं।

भूस्खलन की सूचना मिलने के बाद स्थानीय प्रशासन ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया। घटनास्थल पर राहत और बचाव दल भेजे गए हैं। लापता लोगों की तलाश के लिए खोजी अभियान जारी है। इस घटना ने क्षेत्र में काम कर रहे श्रमिकों के बीच चिंता बढ़ा दी है।

चमोली में भूस्खलन की यह घटना उस समय हुई है जब क्षेत्र में निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। टनल का निर्माण कार्य कई महीनों से चल रहा था और इसमें कई श्रमिक काम कर रहे थे। भूस्खलन की घटनाएँ उत्तराखंड में आम हैं, विशेषकर बारिश के मौसम में।

स्थानीय प्रशासन ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। अधिकारियों ने कहा है कि वे लापता लोगों की तलाश में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। मुख्यमंत्री ने भी इस घटना की गंभीरता को समझते हुए आज घटनास्थल का दौरा करने की योजना बनाई है।

इस भूस्खलन ने स्थानीय लोगों और श्रमिकों के बीच भय का माहौल पैदा कर दिया है। लोग इस घटना के बाद अपने परिवारों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। क्षेत्र में काम कर रहे श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन को अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है।

भूस्खलन के बाद, स्थानीय प्रशासन ने राहत कार्यों को तेज कर दिया है। बचाव दल ने मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए मशीनरी का उपयोग करना शुरू कर दिया है। इसके अलावा, आसपास के क्षेत्रों में भी सुरक्षा उपायों को बढ़ाया गया है।

आगे की कार्रवाई में लापता लोगों की तलाश और राहत कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि सभी संभव प्रयास किए जाएंगे ताकि लापता श्रमिकों को सुरक्षित निकाला जा सके। इसके साथ ही, भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए उपायों पर भी विचार किया जाएगा।

इस घटना ने निर्माण कार्यों की सुरक्षा पर सवाल उठाए हैं। भूस्खलन की घटनाएँ क्षेत्र में एक गंभीर समस्या बनी हुई हैं। इस घटना की गंभीरता को देखते हुए, प्रशासन को निर्माण कार्यों की सुरक्षा मानकों की समीक्षा करनी चाहिए।

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