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चमोली टनल में मलबा गिरने से मजदूर फंसे

उत्तराखंड के चमोली में एक निर्माणाधीन टनल में मलबा गिरने से कई मजदूर फंस गए। यह घटना विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की टनल में हुई। बचाव कार्य जारी है।

13 अगस्त 20261 घंटे पहलेस्रोत: शुक्रवार डेस्क0 बार पढ़ा गया
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उत्तराखंड के चमोली जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है। अलकनंदा नदी पर निर्माणाधीन विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की टनल में अचानक पानी और मलबा घुसने से कई मजदूर इसकी चपेट में आ गए। यह घटना हाल ही में हुई है और स्थानीय प्रशासन ने तुरंत बचाव कार्य शुरू कर दिया है।

घटना के बाद, टनल में फंसे मजदूरों की संख्या अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाई है। बचाव दल ने टनल के अंदर पहुंचने के लिए आवश्यक उपकरणों का उपयोग किया है। मलबा गिरने के कारण टनल के अंदर स्थिति बेहद खतरनाक हो गई है, जिससे बचाव कार्य में कठिनाई आ रही है। स्थानीय लोग और प्रशासन इस घटना को लेकर चिंतित हैं।

इस टनल का निर्माण कार्य विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना के तहत किया जा रहा है। यह परियोजना उत्तराखंड में ऊर्जा उत्पादन को बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हाल के वर्षों में इस क्षेत्र में कई निर्माण कार्य चल रहे हैं, लेकिन इस तरह की घटनाएं सुरक्षा के प्रति सवाल उठाती हैं।

स्थानीय प्रशासन ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि वे सभी संभव प्रयास कर रहे हैं ताकि फंसे हुए मजदूरों को सुरक्षित निकाला जा सके। बचाव कार्य में एनडीआरएफ और स्थानीय पुलिस के जवान शामिल हैं। प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उच्च अधिकारियों को भी सूचित किया है।

इस घटना का स्थानीय लोगों पर गहरा प्रभाव पड़ा है। मजदूरों के परिवारों में चिंता और भय का माहौल है। लोग अपने प्रियजनों की सलामती की दुआ कर रहे हैं। इसके साथ ही, इस प्रकार की घटनाओं से निर्माण कार्यों की सुरक्षा पर सवाल उठते हैं।

बचाव कार्य के साथ-साथ, प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित किया है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए सुरक्षा उपायों को और मजबूत किया जाएगा। इस घटना के बाद, निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों की समीक्षा की जाएगी।

अगले चरण में, बचाव दल फंसे हुए मजदूरों को सुरक्षित निकालने के लिए हर संभव प्रयास करेगा। इसके साथ ही, प्रशासन घटना की जांच भी करेगा ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

इस घटना ने एक बार फिर से निर्माण स्थलों पर सुरक्षा की आवश्यकता को उजागर किया है। चमोली में हुई यह घटना न केवल मजदूरों के लिए, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए चिंता का विषय बन गई है। प्रशासन और स्थानीय लोगों की कोशिशें इस संकट को हल करने में महत्वपूर्ण होंगी।

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