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विभाजन विभीषिका दिवस पर पीएम मोदी का भावुक संबोधन

प्रधानमंत्री मोदी ने विभाजन विभीषिका दिवस पर बंटवारे के जख्मों को याद किया। उन्होंने कहा कि लाखों लोगों ने अपनों से बिछड़ने के बाद अपनी जिंदगी फिर से खड़ी की। यह दिवस विभाजन के दर्द और संघर्ष को याद करने का अवसर है।

14 अगस्त 202654 मिनट पहलेस्रोत: शुक्रवार डेस्क0 बार पढ़ा गया
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14 अगस्त 2023 को भारत में विभाजन विभीषिका दिवस मनाया गया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बंटवारे के समय के जख्मों को याद करते हुए एक भावुक संबोधन दिया। उन्होंने कहा कि लाखों लोग अपने प्रियजनों से बिछड़ गए थे और उन्होंने अपने जीवन को फिर से खड़ा किया। यह दिन उन सभी के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करने का है जिन्होंने विभाजन के दौरान कठिनाइयों का सामना किया।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में बंटवारे के समय की पीड़ा और संघर्ष को उजागर किया। उन्होंने बताया कि विभाजन के दौरान कितने लोगों ने अपने परिवारों को खोया और किस प्रकार उन्होंने अपने जीवन को फिर से संवारने का प्रयास किया। यह दिन उन सभी की याद में मनाया जाता है जिन्होंने इस कठिन समय में साहस और सहनशीलता दिखाई।

भारत का विभाजन 1947 में हुआ था, जिसके परिणामस्वरूप लाखों लोग अपने घरों से बेघर हो गए थे। यह एक ऐसा समय था जब लोगों ने न केवल अपने प्रियजनों को खोया, बल्कि अपने जीवन की स्थिरता भी खो दी। विभाजन के दौरान हुई हिंसा और विस्थापन ने समाज पर गहरा असर डाला, जो आज भी महसूस किया जाता है।

प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर सभी नागरिकों से अपील की कि वे विभाजन के दर्द को याद करें और उन लोगों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करें जिन्होंने इस कठिनाई का सामना किया। उन्होंने कहा कि यह दिन हमें एकजुटता और सहिष्णुता का संदेश देता है। इस प्रकार के आयोजनों से समाज में एकता और भाईचारे को बढ़ावा मिलता है।

विभाजन विभीषिका दिवस का आयोजन लोगों पर गहरा प्रभाव डालता है। यह दिन उन सभी के लिए एक अवसर है जो विभाजन के समय के दर्द को महसूस करते हैं और अपने परिवारों के साथ उस समय की यादों को साझा करते हैं। इस दिन को मनाने से समाज में एकजुटता और सहानुभूति की भावना को बढ़ावा मिलता है।

इस दिन के साथ-साथ, विभाजन के विषय पर कई अन्य कार्यक्रम और चर्चाएँ भी आयोजित की जाती हैं। विभिन्न संगठनों और संस्थाओं द्वारा विभाजन के इतिहास और उसके प्रभावों पर चर्चा की जाती है। इससे लोगों को विभाजन के समय की घटनाओं को समझने और उसके महत्व को जानने का अवसर मिलता है।

आगे की योजनाओं में, सरकार ने विभाजन विभीषिका दिवस को एक वार्षिक आयोजन बनाने का निर्णय लिया है। इससे भविष्य में भी इस विषय पर जागरूकता बढ़ाने में मदद मिलेगी। यह आयोजन न केवल इतिहास को याद करने का अवसर है, बल्कि समाज में एकता और सहिष्णुता को बढ़ावा देने का भी एक माध्यम है।

विभाजन विभीषिका दिवस का महत्व केवल इतिहास में नहीं, बल्कि वर्तमान में भी है। यह हमें याद दिलाता है कि हमें अपने अतीत से सीख लेकर एक बेहतर समाज की दिशा में आगे बढ़ना है। इस दिन की स्मृति हमें एकजुट रहने और एक-दूसरे के प्रति सहानुभूति रखने की प्रेरणा देती है।

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