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वीपीएचईपी सुरंग में भूस्खलन, सात मजदूरों की मौत

विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की सुरंग में भूस्खलन हुआ। इस हादसे में सात मजदूरों की मौत हो गई है और तीन लापता हैं। रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।

14 अगस्त 202659 मिनट पहलेस्रोत: शुक्रवार डेस्क0 बार पढ़ा गया
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विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना (वीपीएचईपी) की टेल रेस टनल (टीआरटी) में एक भूस्खलन हुआ है, जिसमें सात मजदूरों की मौत की पुष्टि हुई है। इस घटना के बाद से तीन मजदूर अभी भी लापता हैं। लापता मजदूरों की तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।

इस भूस्खलन की घटना ने क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है। सुरंग में पानी भरने की गति इतनी तेज है कि जितना निकाला जा रहा है, उतना ही तेजी से पानी भर रहा है। यह स्थिति रेस्क्यू ऑपरेशन को और चुनौतीपूर्ण बना रही है।

इस परियोजना का निर्माण जल विद्युत उत्पादन के लिए किया जा रहा था, और यह क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की उम्मीद थी। भूस्खलन की यह घटना परियोजना की सुरक्षा और मजदूरों की सुरक्षा पर सवाल उठाती है। इससे पहले भी इस क्षेत्र में भूस्खलन की घटनाएं होती रही हैं।

अभी तक किसी आधिकारिक प्रतिक्रिया का उल्लेख नहीं किया गया है। हालांकि, स्थानीय प्रशासन ने रेस्क्यू ऑपरेशन को प्राथमिकता दी है। मजदूरों के परिजनों को सूचित किया गया है और उन्हें हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया गया है।

इस घटना का स्थानीय लोगों पर गहरा प्रभाव पड़ा है। मजदूरों के परिवारों में चिंता और भय का माहौल है। लोग इस घटना को लेकर चिंतित हैं और सुरक्षा उपायों की मांग कर रहे हैं।

इस घटना के बाद से सुरंग के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है। रेस्क्यू ऑपरेशन में शामिल टीमों को आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसके अलावा, स्थानीय प्रशासन ने स्थिति की निगरानी के लिए विशेष टीमें गठित की हैं।

आगे की कार्रवाई में लापता मजदूरों की खोज जारी रहेगी। रेस्क्यू ऑपरेशन के सफल होने पर ही स्थिति की समीक्षा की जाएगी। इसके साथ ही, भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए सुरक्षा मानकों की जांच की जाएगी।

इस घटना ने एक बार फिर से निर्माण स्थलों पर सुरक्षा के महत्व को उजागर किया है। मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और भूस्खलन जैसी घटनाओं से बचाव के उपायों को लागू करना अत्यंत आवश्यक है। यह घटना न केवल मजदूरों के लिए, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए एक चेतावनी है।

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