रविवार, 16 अगस्त 2026भाषा: हिंदी
शुक्रवार डिजिटल
shiksha

रांची में भूख हड़ताल कर रहे छात्रों का विरोध जारी

रांची में JPSC-JSSC अभ्यर्थियों का विरोध प्रदर्शन 23वें दिन भी जारी है। भूख हड़ताल 13वें दिन में प्रवेश कर गई है। छात्रों ने सरकार के प्रति अपनी नाराजगी व्यक्त की है।

16 अगस्त 20261 घंटे पहलेस्रोत: शुक्रवार डेस्क4 बार पढ़ा गया
WXfT

रांची में JPSC-JSSC अभ्यर्थियों का विरोध प्रदर्शन 23वें दिन और भूख हड़ताल 13वें दिन भी जारी है। छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतरकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। यह प्रदर्शन रांची के विभिन्न स्थानों पर हो रहा है, जहां छात्रों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।

छात्रों का कहना है कि उनकी मांगें पूरी नहीं हो रही हैं, जिसके कारण वे भूख हड़ताल पर जाने को मजबूर हुए हैं। प्रदर्शनकारी छात्रों ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे अपने आंदोलन को और तेज करेंगे। भूख हड़ताल के दौरान छात्रों की स्थिति गंभीर होती जा रही है, जिससे उनके स्वास्थ्य पर भी असर पड़ रहा है।

इस विरोध प्रदर्शन का背景 JPSC और JSSC परीक्षाओं से जुड़ी समस्याओं से है। छात्रों का आरोप है कि सरकार ने उनकी समस्याओं को नजरअंदाज किया है और उचित कार्रवाई नहीं की है। इससे पहले भी कई बार छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर सरकार के समक्ष ज्ञापन प्रस्तुत किए थे, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

प्रदर्शनकारी छात्रों ने सरकार के प्रति अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि यह स्थिति अस्वीकार्य है। उन्होंने कहा कि वे अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे हैं और किसी भी प्रकार की हिंसा से दूर रहेंगे। छात्रों ने अपने आंदोलन को लेकर एकजुटता दिखाई है।

इस भूख हड़ताल का प्रभाव छात्रों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। कई छात्रों की तबीयत बिगड़ने की खबरें आई हैं, जिससे उनके परिवारों में चिंता बढ़ गई है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे अपनी मांगों के लिए किसी भी कीमत पर लड़ाई जारी रखेंगे।

इस बीच, सरकार की ओर से इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि, स्थानीय प्रशासन ने छात्रों से बातचीत करने का प्रयास किया है, लेकिन छात्रों ने अपनी मांगों पर अडिग रहने का फैसला किया है।

आगे की स्थिति में, छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे अपने आंदोलन को और तेज करेंगे। भूख हड़ताल के 13वें दिन में प्रवेश करने के बाद, छात्रों की स्थिति और भी गंभीर हो गई है। प्रशासन को इस मुद्दे को सुलझाने के लिए जल्द से जल्द कदम उठाने की आवश्यकता है।

इस प्रदर्शन का महत्व इस बात में है कि यह छात्रों की एकजुटता और उनकी समस्याओं के प्रति जागरूकता को दर्शाता है। यदि सरकार इस मुद्दे को समय पर नहीं सुलझाती है, तो यह आंदोलन और भी बड़ा रूप ले सकता है। छात्रों की आवाज को सुनना और उनकी समस्याओं का समाधान करना आवश्यक है।

टैग:
भारतरांचीभूख हड़तालछात्र प्रदर्शन
WXfT

shiksha की और ख़बरें

और पढ़ें →