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केरल का नाम बदलकर 'केरलम' किया गया

केरल का नाम बदलकर 'केरलम' रखने के लिए विधेयक को राष्ट्रपति मुर्मू ने मंजूरी दी। यह बदलाव राज्य की सांस्कृतिक पहचान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया गया है। इस निर्णय से राज्य के लोगों में उत्साह और गर्व की भावना देखने को मिल रही है।

17 अगस्त 20261 घंटे पहलेस्रोत: शुक्रवार डेस्क4 बार पढ़ा गया
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केरल का नाम बदलकर 'केरलम' करने का विधेयक हाल ही में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा मंजूर किया गया। यह निर्णय राज्य सरकार द्वारा प्रस्तावित किया गया था और इसे विधानसभा में पारित किया गया था। यह बदलाव राज्य की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने के लिए किया गया है।

विधेयक के अनुसार, 'केरलम' नाम का उपयोग सरकारी दस्तावेजों और अन्य आधिकारिक कार्यों में किया जाएगा। इस बदलाव का उद्देश्य राज्य की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर को उजागर करना है। इसके साथ ही, यह नाम स्थानीय भाषा और संस्कृति के प्रति सम्मान प्रकट करता है।

केरल का नाम पहले से ही एक पहचान बना चुका था, लेकिन 'केरलम' नाम से इसे और अधिक स्थानीय और सांस्कृतिक रूप से जोड़ने का प्रयास किया गया है। यह बदलाव राज्य की विविधता और समृद्धि को दर्शाता है। केरल की संस्कृति में भाषा और नाम का महत्वपूर्ण स्थान है, और यह बदलाव इसी संदर्भ में किया गया है।

राज्य सरकार ने इस विधेयक को मंजूरी देने के बाद कहा कि यह निर्णय केरल के लोगों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि यह बदलाव राज्य की पहचान को और मजबूत करेगा। राष्ट्रपति मुर्मू ने इस विधेयक पर हस्ताक्षर करके इसे कानून का रूप दिया।

इस बदलाव का प्रभाव राज्य के लोगों पर सकारात्मक रूप से पड़ रहा है। लोग इस निर्णय को लेकर उत्साहित हैं और इसे अपनी संस्कृति के प्रति गर्व का प्रतीक मान रहे हैं। कई सामाजिक संगठनों ने इस निर्णय का स्वागत किया है और इसे एक ऐतिहासिक कदम बताया है।

इससे पहले, केरल में कई सांस्कृतिक कार्यक्रमों और पहलों में 'केरलम' नाम का उपयोग किया जा रहा था। अब, आधिकारिक रूप से नाम बदलने के बाद, यह नाम और भी अधिक प्रचलित होगा। इसके अलावा, राज्य सरकार ने इस बदलाव के प्रचार-प्रसार के लिए विभिन्न योजनाएं बनाने की योजना बनाई है।

आगे की प्रक्रिया में, राज्य सरकार इस नए नाम के तहत विभिन्न सरकारी दस्तावेजों और संकेतों को अद्यतन करेगी। इसके साथ ही, शिक्षा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भी 'केरलम' नाम को शामिल किया जाएगा। यह बदलाव धीरे-धीरे राज्य के सभी क्षेत्रों में लागू किया जाएगा।

संक्षेप में, केरल का नाम बदलकर 'केरलम' करना एक महत्वपूर्ण निर्णय है जो राज्य की सांस्कृतिक पहचान को बढ़ावा देगा। यह बदलाव न केवल स्थानीय लोगों के लिए गर्व का विषय है, बल्कि यह राज्य की ऐतिहासिक धरोहर को भी उजागर करेगा। इस निर्णय के माध्यम से, केरल अपने सांस्कृतिक मूल्यों को और अधिक मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है।

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