बुधवार, 2 सितंबर 2026भाषा: हिंदी
शुक्रवार डिजिटल
vyaapar

पैकेज्ड फूड पर लाल चेतावनी संकेत लगाने का प्रस्ताव

एफएसएसएआई ने पैकेज्ड फूड पर लाल चेतावनी संकेत लगाने का प्रस्ताव दिया है। यह लेबल पर आवश्यक जानकारी लिखने का निर्देश देगा। इस कदम का उद्देश्य उपभोक्ताओं को बेहतर जानकारी प्रदान करना है।

28 अगस्त 20265 दिन पहलेस्रोत: शुक्रवार डेस्क10 बार पढ़ा गया
WXfT

भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने पैकेज्ड फूड उत्पादों पर लाल चेतावनी संकेत लगाने का प्रस्ताव दिया है। यह प्रस्ताव हाल ही में जारी किया गया है और इसके तहत लेबल पर आवश्यक जानकारी लिखना अनिवार्य होगा। यह कदम उपभोक्ताओं को खाद्य उत्पादों के पोषण संबंधी पहलुओं के बारे में जागरूक करने के लिए उठाया गया है।

प्रस्ताव के अनुसार, यदि किसी पैकेज्ड फूड में उच्च मात्रा में शुगर, नमक या वसा होगा, तो उस पर लाल चेतावनी संकेत अंकित किया जाएगा। यह संकेत उपभोक्ताओं को यह बताने के लिए होगा कि उत्पाद का सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए। एफएसएसएआई का यह कदम खाद्य सुरक्षा को बढ़ावा देने और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को कम करने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

इस प्रस्ताव का उद्देश्य उपभोक्ताओं को बेहतर जानकारी प्रदान करना है ताकि वे अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक हो सकें। खाद्य उत्पादों की बढ़ती खपत और स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। पिछले कुछ वर्षों में भारत में मोटापे और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं में वृद्धि हुई है, जिससे यह पहल और भी महत्वपूर्ण हो गई है।

एफएसएसएआई ने इस प्रस्ताव के बारे में एक आधिकारिक बयान जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि यह कदम उपभोक्ताओं के हित में है। प्राधिकरण ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह संकेत केवल उन उत्पादों पर लागू होगा जो निर्धारित मानकों को पूरा नहीं करते हैं। यह निर्णय खाद्य सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है।

इस प्रस्ताव का प्रभाव आम जनता पर पड़ सकता है, खासकर उन लोगों पर जो पैकेज्ड फूड का अधिक सेवन करते हैं। लाल चेतावनी संकेत उपभोक्ताओं को यह सोचने पर मजबूर कर सकता है कि वे किस प्रकार के खाद्य उत्पादों का सेवन कर रहे हैं। इससे उपभोक्ता अधिक जागरूक हो सकते हैं और स्वास्थ्यवर्धक विकल्पों की ओर बढ़ सकते हैं।

इस बीच, खाद्य उद्योग में इस प्रस्ताव को लेकर विभिन्न प्रतिक्रियाएँ आ रही हैं। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम उपभोक्ताओं के लिए फायदेमंद होगा, जबकि अन्य इसे उद्योग पर अतिरिक्त दबाव के रूप में देख रहे हैं। खाद्य उत्पाद निर्माताओं को अब अपने लेबल में बदलाव करने की आवश्यकता होगी।

आगे की प्रक्रिया में, एफएसएसएआई इस प्रस्ताव पर सार्वजनिक विचार-विमर्श आयोजित कर सकता है। इसके बाद, यदि यह प्रस्ताव स्वीकार किया जाता है, तो इसे लागू करने के लिए एक निश्चित समय सीमा निर्धारित की जाएगी। यह देखना दिलचस्प होगा कि उद्योग इस बदलाव के लिए कैसे तैयार होता है।

इस प्रस्ताव का उद्देश्य उपभोक्ताओं को खाद्य उत्पादों के बारे में अधिक जानकारी प्रदान करना है। यदि यह लागू होता है, तो यह भारतीय खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम होगा। इससे उपभोक्ताओं को अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक होने में मदद मिलेगी और वे बेहतर विकल्प चुन सकेंगे।

टैग:
एफएसएसएआईपैकेज्ड फूडस्वास्थ्यखाद्य सुरक्षा
WXfT

vyaapar की और ख़बरें

और पढ़ें →