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रक्षाबंधन के बाद राखी उतारने का सही समय

रक्षाबंधन के बाद राखी उतारने का सही समय जानना महत्वपूर्ण है। इस परंपरा के पीछे कई मान्यताएँ और रीति-रिवाज हैं। राखी उतारने के बाद क्या करना चाहिए, यह भी जानना आवश्यक है।

28 अगस्त 20265 दिन पहलेस्रोत: शुक्रवार डेस्क10 बार पढ़ा गया
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रक्षाबंधन के अवसर पर भाई-बहन के बीच राखी बांधने की परंपरा निभाई जाती है। यह पर्व हर साल श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है। इस वर्ष रक्षाबंधन का त्योहार 22 अगस्त 2021 को मनाया गया। इस दिन बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधती हैं और उनकी लंबी उम्र की कामना करती हैं।

रक्षाबंधन के बाद राखी को उतारने का सही समय जानना आवश्यक है। कई लोग इसे तुरंत उतार देते हैं, जबकि कुछ इसे कुछ दिनों तक रखते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, राखी को पूर्णिमा के दिन ही उतारना चाहिए। इसके बाद बहनें अपने भाइयों को मिठाई खिलाकर और उन्हें उपहार देकर इस पर्व को मनाती हैं।

रक्षाबंधन का पर्व भारतीय संस्कृति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह भाई-बहन के रिश्ते को मजबूत बनाने का एक अवसर है। इस दिन बहनें अपने भाइयों के प्रति अपने प्रेम और स्नेह को व्यक्त करती हैं। राखी बांधने के साथ-साथ यह पर्व भाई की रक्षा का भी प्रतीक है।

इस पर्व के दौरान कई लोग धार्मिक स्थलों पर जाकर पूजा-अर्चना करते हैं। कुछ स्थानों पर विशेष आयोजन भी किए जाते हैं। इस साल भी रक्षाबंधन के अवसर पर कई मंदिरों में विशेष पूजा का आयोजन किया गया। हालांकि, इस बार कोविड-19 के कारण कुछ स्थानों पर सीमित संख्या में लोगों को ही अनुमति दी गई।

रक्षाबंधन के बाद राखी उतारने का समय और प्रक्रिया लोगों के लिए महत्वपूर्ण होती है। कई परिवारों में यह परंपरा है कि राखी उतारने के बाद बहनें अपने भाइयों को मिठाई खिलाती हैं। इससे भाई-बहन के रिश्ते में और भी मिठास बढ़ती है। यह एक सामाजिक और पारिवारिक बंधन को भी मजबूत करता है।

इस पर्व के दौरान कई लोग अपने रिश्तेदारों और दोस्तों के साथ भी इस दिन को मनाते हैं। भाई-बहन के रिश्ते को मजबूत करने के लिए यह एक अच्छा अवसर है। इसके अलावा, रक्षाबंधन के समय कई लोग अपने पुराने रिश्तों को फिर से जीवित करने का प्रयास करते हैं।

आगे चलकर, रक्षाबंधन के पर्व को मनाने के तरीके में बदलाव आ सकता है। लोग अब डिजिटल माध्यमों का उपयोग करके भी एक-दूसरे को राखी भेजने लगे हैं। यह एक नई परंपरा बनती जा रही है, जो समय के साथ विकसित हो रही है।

इस प्रकार, रक्षाबंधन का पर्व भाई-बहन के रिश्ते को और भी मजबूत बनाता है। राखी उतारने का सही समय और प्रक्रिया जानना इस पर्व की महत्ता को और बढ़ाता है। यह परंपरा न केवल धार्मिक है, बल्कि सामाजिक और पारिवारिक बंधनों को भी मजबूत करती है।

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