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PM मोदी और पुतिन की बिश्केक में मुलाकात

प्रधानमंत्री मोदी ने किर्गिस्तान में SCO शिखर सम्मेलन के दौरान पुतिन से मुलाकात की। इस बैठक में द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा हुई। मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति से भी बातचीत की।

31 अगस्त 20262 दिन पहलेस्रोत: शुक्रवार डेस्क12 बार पढ़ा गया
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 16 सितंबर 2023 को किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की। यह मुलाकात शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के दौरान हुई। दोनों नेताओं ने गर्मजोशी से एक-दूसरे का स्वागत किया।

इस बैठक में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई, जिसमें द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के उपाय शामिल थे। मोदी और पुतिन ने वैश्विक सुरक्षा, व्यापार और आर्थिक सहयोग पर भी विचार-विमर्श किया। यह मुलाकात दोनों देशों के बीच संबंधों को और अधिक प्रगाढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

भारत और रूस के बीच ऐतिहासिक संबंध रहे हैं, जो विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग पर आधारित हैं। पिछले कुछ वर्षों में, दोनों देशों ने रक्षा, ऊर्जा और व्यापार के क्षेत्रों में अपने संबंधों को और मजबूत किया है। SCO शिखर सम्मेलन ऐसे मुद्दों पर चर्चा करने का एक मंच प्रदान करता है, जो क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण हैं।

इस मुलाकात के दौरान कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। हालांकि, दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत के महत्व को देखते हुए, यह उम्मीद की जा रही है कि भविष्य में दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ेगा।

इस बैठक का आम लोगों पर प्रभाव पड़ सकता है, खासकर व्यापार और आर्थिक सहयोग के क्षेत्र में। यदि दोनों देशों के बीच संबंध मजबूत होते हैं, तो इससे भारत में विभिन्न उद्योगों को लाभ हो सकता है। इसके अलावा, सुरक्षा सहयोग भी क्षेत्र में स्थिरता लाने में सहायक हो सकता है।

इस मुलाकात के अलावा, पीएम मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति पेजेशकियन से भी द्विपक्षीय बैठक की। इस बैठक में भी कई मुद्दों पर चर्चा की गई, जो कि भारत और ईरान के बीच संबंधों को और मजबूत करने में सहायक हो सकती है।

आगे की कार्रवाई के तहत, यह देखना होगा कि भारत और रूस के बीच किस प्रकार के समझौते या सहयोग की योजनाएँ बनती हैं। इसके अलावा, SCO शिखर सम्मेलन के अन्य नेताओं के साथ भी पीएम मोदी की मुलाकातें महत्वपूर्ण हो सकती हैं।

कुल मिलाकर, पीएम मोदी और राष्ट्रपति पुतिन की यह मुलाकात भारत-रूस संबंधों के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण है। यह न केवल द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ावा देने का अवसर है, बल्कि क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता के लिए भी महत्वपूर्ण है।

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