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पीएम मोदी ने एससीओ में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए आमंत्रण दिया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एससीओ शिखर सम्मेलन में भाग लिया। उन्होंने 2026 में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्षों को आमंत्रित किया। यह सम्मेलन 12-13 सितंबर को भारत मंडपम में आयोजित होगा।

1 सितंबर 202622 घंटे पहलेस्रोत: शुक्रवार डेस्क8 बार पढ़ा गया
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12-13 सितंबर को भारत मंडपम में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 होना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे सफल बनाने के लिए व्यक्तिगत रूप से एससीओ में उपस्थित सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्षों को आमंत्रित किया। यह शिखर सम्मेलन भारत के लिए महत्वपूर्ण है और इसमें कई प्रमुख देशों की भागीदारी होगी।

इस सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी ने विभिन्न देशों के नेताओं के साथ बातचीत की और ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की तैयारियों पर चर्चा की। उन्होंने सदस्य देशों के साथ सहयोग बढ़ाने और साझा हितों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया। यह बैठक वैश्विक मुद्दों पर सहयोग के लिए एक मंच प्रदान करती है।

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का आयोजन भारत के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है, जो वैश्विक स्तर पर भारत की स्थिति को मजबूत करेगा। यह सम्मेलन भारत की विदेश नीति और आर्थिक विकास के लिए भी महत्वपूर्ण है। इसमें रूस, चीन, ईरान जैसे देशों की भागीदारी भारत के राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखते हुए की जा रही है।

प्रधानमंत्री मोदी ने एससीओ में अपने संबोधन में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने सदस्य देशों से सहयोग और समर्थन की अपील की। यह सम्मेलन भारत के लिए अंतर्राष्ट्रीय मंच पर अपनी आवाज को और मजबूत करने का एक अवसर है।

इस बैठक का प्रभाव लोगों पर भी पड़ेगा, क्योंकि यह आर्थिक और राजनीतिक सहयोग को बढ़ावा देने का एक प्रयास है। इससे भारत के नागरिकों को विभिन्न क्षेत्रों में लाभ मिल सकता है, जैसे व्यापार, निवेश और तकनीकी सहयोग।

इससे पहले भी भारत ने एससीओ के माध्यम से विभिन्न देशों के साथ सहयोग बढ़ाने के लिए कई पहल की हैं। यह सम्मेलन उन पहलों को आगे बढ़ाने का एक अवसर है, जिससे क्षेत्रीय स्थिरता और विकास को बढ़ावा मिल सके।

आगे की कार्रवाई में, भारत को ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की तैयारियों को अंतिम रूप देना होगा। इसके लिए विभिन्न मंत्रालयों और एजेंसियों के बीच समन्वय आवश्यक होगा। यह सुनिश्चित करना होगा कि सम्मेलन सफलतापूर्वक आयोजित हो सके।

इस प्रकार, पीएम मोदी का एससीओ में उपस्थित होना और ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए आमंत्रण देना भारत के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। यह न केवल भारत की अंतरराष्ट्रीय स्थिति को मजबूत करेगा, बल्कि वैश्विक स्तर पर सहयोग और विकास के लिए नए अवसर भी प्रदान करेगा।

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