कांग्रेस पार्टी ने यूपीआई (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) पर एमडीआर (मर्चेंट डिस्काउंट रेट) शुल्क के खिलाफ एक देशव्यापी आंदोलन शुरू किया है। यह आंदोलन 18 अक्टूबर 2023 को शुरू हुआ और इसके तहत पार्टी कार्यकर्ता ब्लॉक स्तर से लेकर संसद तक प्रदर्शन कर रहे हैं। इस आंदोलन का उद्देश्य एमडीआर शुल्क को समाप्त करना है, जिसे कांग्रेस ने जनता के लिए बोझ बताया है।
कांग्रेस के इस आंदोलन में पार्टी के नेता और कार्यकर्ता विभिन्न स्थानों पर एकत्र होकर प्रदर्शन कर रहे हैं। पार्टी का कहना है कि यह शुल्क छोटे व्यापारियों और आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त वित्तीय दबाव डालता है। इस आंदोलन के तहत कांग्रेस ने सरकार से मांग की है कि वह इस शुल्क को समाप्त करे और डिजिटल लेनदेन को सस्ता बनाए।
इस मुद्दे का背景 यह है कि यूपीआई का उपयोग भारत में तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन एमडीआर शुल्क ने कई उपभोक्ताओं और व्यापारियों को प्रभावित किया है। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार ने इस शुल्क को लागू करके आम जनता के हितों की अनदेखी की है। पार्टी का मानना है कि डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए इस शुल्क को हटाना आवश्यक है।
इस बीच, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वीबी-जी राम जी में फर्जीवाड़े के मामले में सख्त कार्रवाई की है। उन्होंने इस मामले की जांच के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया है। चौहान ने कहा कि इस तरह के फर्जीवाड़े को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
कांग्रेस का यह आंदोलन आम जनता पर प्रभाव डाल सकता है, खासकर उन व्यापारियों पर जो छोटे स्तर पर काम कर रहे हैं। एमडीआर शुल्क के कारण कई छोटे व्यापारी डिजिटल लेनदेन से दूर हो सकते हैं, जिससे उनकी आय प्रभावित हो सकती है। इसके अलावा, उपभोक्ताओं को भी इस शुल्क के कारण अतिरिक्त लागत का सामना करना पड़ सकता है।
कांग्रेस के इस आंदोलन के साथ-साथ अन्य राजनीतिक दलों के भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देने की संभावना है। यदि यह आंदोलन सफल होता है, तो सरकार को एमडीआर शुल्क पर पुनर्विचार करना पड़ सकता है। इसके अलावा, यह मुद्दा आगामी चुनावों में भी एक महत्वपूर्ण विषय बन सकता है।
आगामी दिनों में कांग्रेस पार्टी इस आंदोलन को और तेज करने की योजना बना रही है। पार्टी ने कहा है कि वह इस मुद्दे को संसद में भी उठाएगी और सरकार से जवाब मांग करेगी। इसके साथ ही, पार्टी कार्यकर्ता विभिन्न स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित करेंगे।
इस आंदोलन का महत्व इस बात में है कि यह डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में आम जनता के हितों की रक्षा करने का प्रयास कर रहा है। यदि कांग्रेस इस मुद्दे पर सफल होती है, तो यह न केवल छोटे व्यापारियों के लिए फायदेमंद होगा, बल्कि आम उपभोक्ताओं के लिए भी राहत का कारण बनेगा। इस प्रकार, यह आंदोलन भारतीय राजनीति में डिजिटल लेनदेन के भविष्य को प्रभावित कर सकता है।




