आईआईटी रुड़की के दीक्षांत समारोह में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल ने छात्रों को संबोधित किया। यह समारोह हाल ही में आयोजित किया गया था, जिसमें डोभाल ने छात्रों को उनके भविष्य के प्रति प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि यह पीढ़ी 1,000 वर्षों में सबसे भाग्यशाली है।
अजीत डोभाल ने अपने संबोधन में छात्रों को बताया कि वे ऐसे समय में शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं जब तकनीकी और सामाजिक परिवर्तन तेजी से हो रहे हैं। उन्होंने छात्रों को उनके ज्ञान और कौशल का सही उपयोग करने के लिए प्रेरित किया। डोभाल ने कहा कि यह समय चुनौतियों का सामना करने और अवसरों का लाभ उठाने का है।
इस समारोह में छात्रों को संबोधित करते हुए डोभाल ने बताया कि आज की पीढ़ी को कई संसाधनों और अवसरों का लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले 1,000 वर्षों में ऐसा अवसर किसी और पीढ़ी को नहीं मिला। यह समय वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा का है, और छात्रों को इसके लिए तैयार रहना चाहिए।
डोभाल के संबोधन के दौरान उन्होंने छात्रों को यह भी बताया कि वे अपने ज्ञान को समाज के उत्थान के लिए कैसे उपयोग कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल नौकरी पाना नहीं है, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाना भी है। इस संदर्भ में, डोभाल ने छात्रों को अपने कार्यों के प्रति जिम्मेदार रहने की सलाह दी।
इस समारोह का छात्रों पर गहरा प्रभाव पड़ा है। कई छात्रों ने डोभाल के विचारों को प्रेरणादायक बताया और उन्हें अपने भविष्य की दिशा में मार्गदर्शन मिला। छात्रों ने इस अवसर का उपयोग अपने सपनों को साकार करने के लिए करने का संकल्प लिया।
इस कार्यक्रम के बाद, आईआईटी रुड़की में विभिन्न विकासात्मक गतिविधियों की योजना बनाई जा रही है। छात्रों को उनके कौशल को और विकसित करने के लिए नई कार्यशालाएँ और सेमिनार आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा, उद्योग जगत के विशेषज्ञों को भी आमंत्रित किया जाएगा।
आगे की प्रक्रिया में, छात्रों को अपने ज्ञान और कौशल को वास्तविक जीवन में लागू करने के लिए विभिन्न परियोजनाओं पर काम करने का अवसर मिलेगा। यह उन्हें अपने विचारों को साकार करने और समाज में योगदान देने का मौका देगा।
इस समारोह का महत्व इस बात में है कि यह छात्रों को उनके भविष्य के प्रति जागरूक करता है। अजीत डोभाल के विचारों ने छात्रों को प्रेरित किया है कि वे अपनी शिक्षा का सही उपयोग करें और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास करें। यह कार्यक्रम न केवल छात्रों के लिए, बल्कि समाज के लिए भी महत्वपूर्ण है।
