शनिवार, 10 अक्टूबर 2026भाषा: हिंदी
शुक्रवार डिजिटल
manoranjan

राष्ट्रपति मुर्मू ने राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में कलाकारों को सम्मानित किया

आज गुजरात के एकता नगर में 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों का आयोजन हुआ। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कलाकारों को उनके योगदान के लिए पुरस्कार दिए। उन्होंने सितारों से अपील की कि वे ऐसे उत्पादों का प्रचार न करें जो समाज पर नकारात्मक प्रभाव डालते हैं।

22 सितंबर 2026 • 22 सितंबर 2026स्रोत: शुक्रवार डेस्क20 बार पढ़ा गया
WXfT

आज गुजरात के एकता नगर में 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों का आयोजन हुआ, जिसमें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कलाकारों को उनके सिनेमा जगत में उत्कृष्ट योगदान के लिए पुरस्कार प्रदान किए। यह समारोह भारतीय सिनेमा के प्रति सम्मान और मान्यता का प्रतीक है। इस अवसर पर कई प्रमुख फिल्मी हस्तियों ने भाग लिया।

राष्ट्रपति मुर्मू ने इस समारोह में उपस्थित सभी कलाकारों की सराहना की और उनके कार्यों को समाज में सकारात्मक बदलाव लाने वाला बताया। उन्होंने कहा कि सिनेमा केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं है, बल्कि यह समाज को जागरूक करने का भी एक महत्वपूर्ण साधन है। पुरस्कार वितरण के दौरान, कई फिल्में और कलाकार विशेष रूप से सम्मानित हुए।

इस कार्यक्रम का आयोजन भारतीय सिनेमा के विकास और उसकी विविधता को प्रदर्शित करने के लिए किया गया था। राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार हर साल उन कलाकारों और तकनीशियनों को सम्मानित करता है जिन्होंने भारतीय सिनेमा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। यह पुरस्कार भारतीय फिल्म उद्योग के लिए एक मानक स्थापित करता है।

राष्ट्रपति मुर्मू ने इस अवसर पर एक महत्वपूर्ण बयान दिया, जिसमें उन्होंने सितारों से अपील की कि वे ऐसे उत्पादों का प्रचार न करें जो समाज पर नकारात्मक प्रभाव डालते हैं। उन्होंने कहा कि कलाकारों की जिम्मेदारी है कि वे समाज के प्रति अपनी भूमिका को समझें और सकारात्मक संदेश फैलाएं।

इस समारोह का लोगों पर गहरा प्रभाव पड़ा है, खासकर युवा पीढ़ी पर। राष्ट्रपति की अपील ने दर्शकों को सोचने पर मजबूर किया है कि वे किस प्रकार के उत्पादों का समर्थन करते हैं। यह संदेश सिनेमा के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में एक कदम है।

इस कार्यक्रम के बाद, कई कलाकारों ने राष्ट्रपति की अपील का समर्थन किया और इसे महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि सिनेमा को समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए। इसके अलावा, कुछ कलाकारों ने भविष्य में सामाजिक मुद्दों पर आधारित फिल्मों के निर्माण की योजना बनाई है।

आगे की प्रक्रिया में, यह देखा जाएगा कि क्या सिनेमा जगत में इस अपील का प्रभाव पड़ता है। क्या कलाकार अपने प्रचार के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में सफल होंगे? यह समय बताएगा कि राष्ट्रपति मुर्मू की अपील का कितना असर होता है।

इस समारोह का महत्व केवल पुरस्कार वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारतीय सिनेमा के भविष्य के लिए एक दिशा भी निर्धारित करता है। राष्ट्रपति मुर्मू की अपील ने कलाकारों को एक नई सोच और जिम्मेदारी का अहसास कराया है। यह भारतीय सिनेमा के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण है, जो समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में एक प्रेरणा बन सकता है।

टैग:
राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारराष्ट्रपति मुर्मूभारतीय सिनेमाकलाकार
WXfT

manoranjan की और ख़बरें

और पढ़ें →