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मणिपुर, नागालैंड और अरुणाचल में अफस्पा की अवधि बढ़ी

केंद्र सरकार ने मणिपुर, नागालैंड और अरुणाचल प्रदेश में अफस्पा की अवधि छह महीने के लिए बढ़ा दी है। मणिपुर में 13 थाना क्षेत्रों को छोड़कर पूरा राज्य 'अशांत क्षेत्र' घोषित किया गया है। यह निर्णय सुरक्षा स्थिति को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

25 सितंबर 2026 • 25 सितंबर 2026स्रोत: शुक्रवार डेस्क30 बार पढ़ा गया
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केंद्र सरकार ने हाल ही में मणिपुर, नागालैंड और अरुणाचल प्रदेश में सशस्त्र बल विशेष अधिकार अधिनियम (AFSPA) की अवधि को छह महीने के लिए बढ़ाने का निर्णय लिया है। यह निर्णय मणिपुर में 13 थाना क्षेत्रों को छोड़कर पूरे राज्य को 'अशांत क्षेत्र' घोषित करने के साथ लागू होगा। यह कदम सुरक्षा स्थिति को देखते हुए उठाया गया है।

मणिपुर में AFSPA का विस्तार उन घटनाओं के बाद किया गया है, जहां सुरक्षा बलों और अलगाववादी समूहों के बीच संघर्ष बढ़ गया था। सरकार ने यह निर्णय लिया है कि 13 थाना क्षेत्रों को छोड़कर बाकी राज्य में AFSPA लागू रहेगा। यह अधिनियम सुरक्षा बलों को विशेष अधिकार प्रदान करता है, जिससे वे कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सक्षम होते हैं।

AFSPA का इतिहास भारत के उत्तर-पूर्वी राज्यों में लंबे समय से चला आ रहा है। यह अधिनियम 1958 में लागू किया गया था और इसका उद्देश्य आतंकवाद और उग्रवाद से निपटना है। मणिपुर में स्थिति को देखते हुए, यह अधिनियम समय-समय पर बढ़ाया जाता रहा है। हालिया घटनाक्रम ने इस अधिनियम की आवश्यकता को फिर से उजागर किया है।

केंद्र सरकार की ओर से इस फैसले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। हालांकि, यह स्पष्ट है कि सुरक्षा स्थिति को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है। सरकार ने स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा बलों के साथ मिलकर स्थिति की समीक्षा की है।

इस निर्णय का स्थानीय लोगों पर गहरा प्रभाव पड़ेगा। AFSPA के लागू होने से सुरक्षा बलों को अधिक अधिकार मिलते हैं, जिससे स्थानीय निवासियों की स्वतंत्रता पर असर पड़ सकता है। इसके अलावा, यह स्थिति स्थानीय लोगों के मन में भय और असुरक्षा की भावना को बढ़ा सकती है।

इस बीच, मणिपुर में अन्य संबंधित घटनाक्रम भी सामने आए हैं। स्थानीय संगठनों और राजनीतिक दलों ने इस निर्णय के खिलाफ आवाज उठाई है। कई समूहों ने इसे मानवाधिकारों का उल्लंघन मानते हुए विरोध प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है।

आगे की कार्रवाई में, सरकार को यह देखना होगा कि AFSPA के प्रभाव को कैसे प्रबंधित किया जाए। स्थानीय प्रशासन को स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रभावी कदम उठाने होंगे। इसके अलावा, सुरक्षा बलों को भी स्थानीय समुदाय के साथ बेहतर संवाद स्थापित करने की आवश्यकता होगी।

केंद्र सरकार का यह निर्णय मणिपुर और अन्य उत्तर-पूर्वी राज्यों में सुरक्षा स्थिति को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है। AFSPA का विस्तार इस क्षेत्र में स्थिरता लाने के प्रयासों का हिस्सा है। यह कदम स्थानीय लोगों की सुरक्षा के साथ-साथ कानून-व्यवस्था को बनाए रखने में सहायक हो सकता है।

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