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एलपीयू में दुष्कर्म के आरोप से छात्रों का प्रदर्शन

पंजाब के फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में शनिवार रात दुष्कर्म का मामला सामने आया। इस घटना के बाद सैकड़ों छात्रों ने प्रदर्शन करते हुए जालंधर-फगवाड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम कर दिया। मामले ने तूल पकड़ लिया है और छात्रों में आक्रोश व्याप्त है।

28 सितंबर 2026 • 28 सितंबर 2026स्रोत: शुक्रवार डेस्क24 बार पढ़ा गया
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पंजाब के फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में शनिवार देर रात एक कथित दुष्कर्म की घटना ने हंगामा खड़ा कर दिया। इस घटना के बाद सैकड़ों छात्र कैंपस से बाहर निकलकर सड़क पर आ गए और जालंधर-फगवाड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम कर दिया। यह घटना हॉस्टल के कमरे नंबर 503 से शुरू हुई, जहाँ से छात्राओं ने अपनी आपबीती साझा की।

छात्राओं के अनुसार, इस घटना के बाद उनकी सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। प्रदर्शनकारी छात्रों ने आरोप लगाया है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। इसके चलते छात्रों में गहरी नाराजगी और असुरक्षा का भाव उत्पन्न हुआ है। इस घटना के बाद विश्वविद्यालय में तनाव का माहौल बन गया है।

लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी एक प्रमुख शैक्षणिक संस्थान है, जहाँ देशभर से छात्र पढ़ाई के लिए आते हैं। इस प्रकार की घटनाएँ विश्वविद्यालयों में छात्राओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाती हैं। पिछले कुछ वर्षों में इस तरह की घटनाओं में वृद्धि हुई है, जिससे शिक्षा संस्थानों की छवि पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

इस घटना पर विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि, छात्रों ने प्रशासन से उचित कार्रवाई की मांग की है। प्रदर्शनकारी छात्रों ने कहा है कि जब तक उचित कदम नहीं उठाए जाते, वे अपना विरोध जारी रखेंगे।

इस घटना का प्रभाव छात्रों पर गहरा पड़ा है। कई छात्राओं ने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है और कुछ ने विश्वविद्यालय छोड़ने का मन बना लिया है। इस प्रकार की घटनाएँ न केवल छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर असर डालती हैं, बल्कि उनके शैक्षणिक जीवन को भी प्रभावित करती हैं।

इस घटना के बाद विश्वविद्यालय में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा तेज हो गई है। छात्र संगठनों ने प्रशासन से सुरक्षा उपायों को सख्त करने की मांग की है। इसके अलावा, छात्राओं के लिए विशेष काउंसलिंग सत्र आयोजित करने की भी आवश्यकता महसूस की जा रही है।

आगे क्या होगा, यह देखना महत्वपूर्ण होगा। विश्वविद्यालय प्रशासन को छात्रों की मांगों पर ध्यान देना होगा और उचित कदम उठाने होंगे। यदि प्रशासन ने समय पर कार्रवाई नहीं की, तो छात्रों का विरोध और बढ़ सकता है।

इस घटना ने एक बार फिर से विश्वविद्यालयों में छात्राओं की सुरक्षा के मुद्दे को उजागर किया है। यह आवश्यक है कि सभी शैक्षणिक संस्थान इस दिशा में ठोस कदम उठाएँ ताकि छात्राओं को सुरक्षित माहौल मिल सके। इस प्रकार की घटनाएँ न केवल छात्रों के लिए, बल्कि समाज के लिए भी चिंता का विषय हैं।

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